
पुणे, 27 जून . केतन अग्रवाल हत्याकांड को लेकर पीड़ित और आरोपी पक्ष से जुड़े लोगों के बयान सामने आए हैं. सभी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की है.
सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल के करीबी रिश्तेदार राजेंद्र गोयल ने बताया कि वह प्रवीण गोयल को पिछले करीब 30 सालों से जानते हैं. अभी एक साल से पास में उनकी दुकान है. इससे पहले वे पीछे के एरिया में दुकान चलाते थे. उनके अनुसार, प्रवीण का परिवार काफी अच्छा और शांत स्वभाव का रहा है. उन्होंने कहा कि उनके साथ कभी किसी तरह के विवाद या झगड़े की जानकारी नहीं मिली.
राजेंद्र गोयल ने बताया कि उन्होंने सिया गोयल को सिर्फ दुकान के उद्घाटन के समय एक बार देखा था, उसके बाद कभी नहीं देखा. घटना पर उन्होंने कहा कि जब उन्हें इस वारदात की जानकारी मिली तो उन्हें भी विश्वास नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि घटना वाले दिन प्रवीण गोयल उनके बेटे से मिलकर यह कहकर गए थे कि वह अस्पताल जा रहे हैं.
प्रवीण गोयल की दुकान के पड़ोसी मांगीलाल सोलंकी ने इस घटना को समाज के लिए गंभीर और चिंताजनक बताया. उन्होंने कहा कि किसी बेटी की ओर से इस तरह का कृत्य किया जाना बेहद निंदनीय है और यह पूरे समाज के लिए सोचने का विषय है.
उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग अक्सर अपने काम में व्यस्त रहता है, जिससे बच्चों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाता. उनके अनुसार, परिवार में बच्चों को वैदिक संस्कृति और गीता का ज्ञान देना जरूरी है, ताकि वे सही और गलत का अंतर समझ सकें. उन्होंने कहा कि दुकान खोलने, बंद करने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक निश्चित समय सारणी होनी चाहिए. बच्चों को समय न दे पाना भी ऐसी घटनाओं का एक कारण हो सकता है.
मांगीलाल सोलंकी ने इस हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि चेतन (आरोपी) के पिता को यह कहना चाहिए था कि अगर उनका बेटा दोषी है, तो कानून जो भी सजा देगा वे उसे स्वीकार करेंगे. आरोपों को पूरी तरह नकारना गलत है.
उन्होंने यह भी बताया कि केतन अग्रवाल का परिवार बहुत ही अच्छा और धार्मिक है, जो तुलजापुर से यहां आए थे. इकलौते बेटे को खोने से उनके जीवन में अंधेरा छा गया है. वे लोग अभी भी पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी पक्ष के साथ नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं. उनके अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला पूर्व नियोजित प्रतीत होता है, जिसमें मोबाइल फोन के दुरुपयोग की भी भूमिका हो सकती है.
वहीं, इस मामले पर केतन अग्रवाल के दोस्त सागर गोयल का बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा, “केतन अग्रवाल को वह निजी तौर पर जानते थे और दोनों दोस्त थे. जब उन्होंने इस घटना के बारे में सुना, तो उन्हें और अन्य लोगों को बहुत गहरा धक्का लगा.”
सागर गोयल के अनुसार, केतन बेहद मिलनसार, मददगार और अच्छे स्वभाव के व्यक्ति थे. दोनों की मुलाकात अक्सर शादी, सामाजिक कार्यक्रमों और पारिवारिक आयोजनों में होती रहती थी. सागर ने ईश्वर से प्रार्थना की कि केतन के परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति मिले. उन्होंने मांग की कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता व तेजी से की जाए और सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिले.
उन्होंने यह भी कहा कि वह आरोपी चेतन चौधरी या प्रवीण गोयल के परिवार को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते. एक युवा होने के नाते उन्होंने कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच संवाद की कमी कई बार गंभीर परिस्थितियों को जन्म देती है. अगर परिवार में खुलकर बातचीत हो और बच्चे अपनी भावनाएं साझा कर सकें, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है.
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डीसीएच/
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