
लेह, 27 मई . लद्दाख के उपGovernor वीके सक्सेना ने Wednesday को लेह के उपशी में सिंधु नदी पर India के पहले पर्यावरण-अनुकूल ‘रॉक चेक डैम’ का उद्घाटन किया. यह उद्घाटन “सिंधु जल समृद्धि अभियान” के तहत किया गया, जिसका उद्देश्य बिना सीमेंट या कंक्रीट का इस्तेमाल किए लगभग 40 मिलियन लीटर पानी जमा करके लद्दाख में दीर्घकालिक जल सुरक्षा और टिकाऊ कृषि को बेहतर बनाना है.
उपGovernor वीके सक्सेना ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि मैंने हमारे अधिकारियों को सिंधु नदी के बारे में एक विचार दिया था, जो कि एक बहुत ही शक्तिशाली नदी है, कि जहां पानी उथला है, वहां इस पानी को कैसे रोका जा सकता है. उसके बाद, हम अपने अधिकारियों के साथ बैठे, योजना बनाई, इस जगह को चुना और आज मुझे यह कहते हुए बहुत खुशी हो रही है कि यह देश का पहला रॉक चेक डैम है जहां न तो कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ है और न ही सीमेंट का.
उन्होंने कहा कि नदी के आस-पास बड़े-बड़े पत्थर हैं. इन पत्थरों को उठाया गया और यहां आपस में फंसाकर लगाया गया, और इसी तरह यह चेक डैम बनाया गया. जिस समय इस चेक डैम का निर्माण हो रहा था, उस समय यहां पानी की गहराई लगभग एक से डेढ़ फीट हुआ करती थी, और आज इस चेक डैम के निर्माण के बाद, किनारों पर पानी की गहराई लगभग 4.5 से 5 फीट हो गई है, और बीच में यह 10 से 12 फीट हो गई है. पानी जमा होने का क्षेत्र लगभग 500 मीटर तक फैल गया है, और इसमें लगभग 45 मिलियन लीटर पानी जमा हो रहा है.
उन्होंने कहा, “यहां जो कुछ भी दिख रहा है, उसकी योजना बहुत ही बेहतरीन ढंग से बनाई गई है, और झरना इस चेक डैम की सबसे बड़ी खूबसूरती है. पूरे लद्दाख की नदियों को देखें, तो आमतौर पर आपको इस तरह का झरना देखने को नहीं मिलता. यह झरना एक ‘कैस्केडिंग इफेक्ट’ भी पैदा कर रहा है, और पानी की आवाज इतनी मधुर है.”
उपGovernor ने कहा, “मैं कई लोगों को इस चेक डैम को दिखाने के लिए आमंत्रित कर रहा हूं. उन्हें यह दिखाया जाएगा और उनके सुझाव भी लिए जाएंगे, क्योंकि अभी जो चेक डैम बनाया गया है, वह केवल हमारी और हमारे इंजीनियरों की समझ और तकनीकों का उपयोग करके बनाया गया है. इसके बाद, इसे और बेहतर बनाने के लिए हमें जो भी सुझाव मिलेंगे, हम निश्चित रूप से उन्हें लागू करेंगे.”
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पीआईएम/डीकेपी
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