
New Delhi, 28 जुलाई . दिल्ली के उप Governor टी.एस. संधू ने Tuesday को द्वारका में दिल्ली नगर निगम के आधुनिक डॉग शेल्टर की आधारशिला रखी. उन्होंने लावारिस कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए एक सुरक्षित जगह उपलब्ध कराने का वादा किया.
social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक मैसेज में संधू ने कहा, “आज द्वारका के सेक्टर-29 में एक आधुनिक डॉग शेल्टर (कुत्तों के आश्रय स्थल) की आधारशिला रखी गई. इसे मेयर प्रवेश वाही, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, विधायक कैलाश गहलोत और अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा.”
संधू ने कहा, “लगभग 6,050 वर्ग मीटर में फैली यह सुविधा लावारिस कुत्तों के लिए सुरक्षित आश्रय, देखभाल और पुनर्वास प्रदान करेगी. इसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर होगा जो उनके कल्याण और भलाई को सुनिश्चित करेगा. इसके अलावा, मैंने छोटे जानवरों के लिए दिल्ली के एकमात्र श्मशान केंद्र का भी दौरा किया. मैंने एमसीडी को सलाह दी कि वे पशु कल्याण संगठनों, डॉग लवर्स, पशु चिकित्सकों और विषय विशेषज्ञों को सक्रिय रूप से शामिल करें, ताकि उनके अनुभव और ज्ञान से इन पहलों को टिकाऊ और संवेदनशील तरीके से आकार देने में मदद मिल सके.”
उपGovernor ने कहा, “यह प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का एक बेहतरीन उदाहरण है. जीएमआर वरलक्ष्मी फाउंडेशन के सीएसआर सहयोग से इसे एमसीडी के लिए बिना किसी लागत के विकसित किया जा रहा है, जिससे पशु कल्याण के प्रति दिल्ली की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी.”
एक मोटे अनुमान के अनुसार, दिल्ली में आवारा कुत्तों की संख्या 8 से 10 लाख के बीच है. यह आंकड़ा मुख्य रूप से दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकार क्षेत्र से संबंधित है. राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में हर साल कुत्ते के काटने के 25,000 से अधिक मामले दर्ज किए जाते हैं.
बाद में, उपGovernor ने एयरपोर्ट के पास एयरोसिटी में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया.
उन्होंने कहा, “द्वारका से आते समय आज एयरोसिटी का दौरा किया. वहां जीएमआर के अधिकारियों ने इलाके में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का ब्योरा दिया, जिसमें टिकाऊ शहरी योजना, जल संरक्षण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और लास्ट-माइल मेट्रो कनेक्टिविटी शामिल थी.”
उन्होंने एक्स पर लिखा, “एयरोसिटी की द्वारका के नजदीक स्थिति को देखते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण के साथ घनिष्ठ समन्वय के महत्व पर जोर दिया गया है, क्योंकि द्वारका दिल्ली के प्रमुख विकास गलियारों में से एक है. भविष्य की सभी योजनाओं में हरित बुनियादी ढांचे और स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) को केंद्र में रखा जाए, ताकि राजधानी का दीर्घकालिक और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके
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एससीएच/
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