पुणे में कानून-व्यवस्था विफल, पुलिस कमिश्नर को छुट्टी पर भेजा जाए: सुप्रिया सुले

पुणे, 30 मई . एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने Saturday को शराब त्रासदी को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच मांग की कि पुणे के Police कमिश्नर अमितेश कुमार को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया जाना चाहिए. अवैध शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गई थी.

उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे Maharashtra में अपराध के मामले में शीर्ष शहर बनकर उभरा है और पूरे देश में पांचवें स्थान पर है. उन्होंने कहा कि पुणे में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है.

सुप्रिया सुले ने पत्रकारों से कहा, “केंद्र Government के गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि अपराध के मामले में पुणे राज्य में पहले और देश में पांचवें स्थान पर है. इसलिए पुणे के Police कमिश्नर को तुरंत अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया जाना चाहिए. हमें Chief Minister पर भरोसा है, हमने नसरापुर मामले के दौरान भी उन पर भरोसा किया था. Police ने जल्दी ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन इन अपराधों को रोका जाना चाहिए. यह Government की पूरी तरह से विफलता है. रंगदारी और रिश्वतखोरी की आड़ में अपराध किए जा रहे हैं.”

एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा तंज कसा. उन्‍होंने कहा कि सभी भाजपा नेता ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ का नारा लगाया करते थे, लेकिन अगर आप अहिल्यानगर (अहमदनगर) जिले का थोड़ा अध्ययन करें, तो राम शिंदे को छोड़कर आज जिले का पूरा भाजपा नेतृत्व 100 प्रतिशत मूल रूप से कांग्रेसी लोगों से ही बना है.

सुले ने पूछा कि जिन लोगों को भाजपा ‘कांग्रेस-मुक्त’ India बनाने के लिए नकारना चाहती थी यानी अहिल्यानगर के पूर्व कांग्रेसी विधायक और सांसद वे सभी अब भाजपा में शामिल हो गए हैं. लोग बदलाव चाहते थे, लेकिन असल में क्या बदला?

उन्‍होंने कहा कि वही 100 परिवार जो पहले कांग्रेस में थे, अब भाजपा में हैं. Maharashtra में आखिर कौन सी क्रांति आ गई है? वे किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते हैं, यह उनका आंतरिक मामला है, लेकिन मैं भाजपा से पूछना चाहती हूं कि क्या ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ का मतलब यह था कि आप पूरी कांग्रेस पार्टी को ही अपनी पार्टी में मिला लेंगे?

उन्होंने उन पुराने और वफादार भाजपा कार्यकर्ताओं के प्रति भी चिंता व्यक्त की, जिन्हें अब किनारे कर दिया गया है.

सुले ने कहा कि उन कार्यकर्ताओं का क्या, जो भाजपा की विचारधारा के साथ खड़े रहे, उसके कालीन उठाए, लाठीचार्ज का सामना किया और तब संघर्ष किया जब पार्टी विपक्ष में थी? वे अब कहां हैं? प्रकाश जावड़ेकर आज कहां हैं? वह लोकतांत्रिक तरीकों से लगातार और जोरदार तरीके से हमारी आलोचना करते थे और सदन में हमेशा आक्रामक रहते थे, लेकिन अब वह कहां चले गए हैं? क्या अब Political विचारधारा या योग्यता का कोई महत्व भी रह गया है?

जब उनसे दूसरे नेताओं के बीच चल रही अंदरूनी कलह के बारे में पूछा गया, तो सुले ने अपना रुख साफ किया.

उन्‍होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि पार्थ पवार और छगन भुजबल के गुटों के बीच क्या चल रहा है और न ही मुझे इसमें कोई दिलचस्पी है. हालांकि कल मुझे एक वीडियो मिला. मैं सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगा रही हूं, लेकिन आपको इस बारे में भुजबल साहब से पूछना चाहिए. भुजबल साहब के विभाग के एक ठेकेदार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों से, सिर्फ कुछ खास ठेकेदारों को ही सप्लाई का काम दिया जा रहा है. इसलिए अगर इसमें कोई भ्रष्टाचार शामिल है तो इसकी जांच होनी चाहिए.

सुले ने कहा कि वह इस मुद्दे पर Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस को एक औपचारिक पत्र लिखेंगी. उन्‍होंने आगे कहा कि मुझे उम्मीद है कि Chief Minister इस पर कार्रवाई करेंगे और टैक्स देने वालों के पैसे की रक्षा करेंगे.

एएसएच/