
New Delhi, 1 जून . देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है. तपन, चिलचिलाती धूप और लू की वजह से खानपान से लेकर घूमना-फिरना तक मुश्किल हो चुका है. ऐसे में जो शब्द सबसे खास है वो है ठंडक… फिर वो खाने की चीज हो या घूमने की जगह. ऐसे में गर्मी के मौसम में पर्यटकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनकर उत्तर प्रदेश उभर रहा है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था, वन्यजीव पर्यटन और शांत वातावरण का बेहतरीन संगम देखने को मिलता है.
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद पर्यटन स्थल लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ यादगार अनुभव भी प्रदान कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भी लोगों को इन खास स्थलों की यात्रा के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. यूपी में जहां एक तरफ चिलचिलाती धूप है, वहीं दूसरी तरफ कई पर्यटन स्थल हैं, जो प्राकृतिक ठंडक, हरी-भरी वादियां, शीतल जलाशय और आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं. उत्तर प्रदेश में हर सफर कुछ नया लेकर आता है. खूबसूरत नजारों से लेकर ताजगी भरी जगहों तक, हर कोना एक नया अनुभव और यादें देता है.
कुसुम सरोवर, गोवर्धन, मथुरा:- मथुरा के गोवर्धन में स्थित कुसुम सरोवर राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा पवित्र स्थल है. 450 फीट लंबा और 60 फीट गहरा यह तालाब चारों ओर फूलों और हरियाली से घिरा है. Rajasthan ी शैली के घाट और शांत वातावरण गर्मियों में मानसिक शांति देता है.
सूर सरोवर पक्षी अभयारण्य (कीथम झील), आगरा:- यह अभयारण्य गर्मियों में पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग की तरह है. साल 1991 में अभयारण्य घोषित यह जगह 126 से अधिक जलपक्षी प्रजातियों का घर है. हॉग हिरण, चित्तीदार हिरण और मॉनिटर छिपकली आसानी से दिख जाते हैं. हरे-भरे जंगलों और शांत झील के किनारे गर्मी की थकान उतर जाती है. आगरा से मात्र 20 किमी दूर यह जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद खास है.
रामगढ़ ताल, गोरखपुर:- पूर्वांचल का मरीन ड्राइव कहे जाने वाले रामगढ़ ताल गर्मियों में और भी खूबसूरत दिखता और नया रूप ले लेता है. पहले उपेक्षित यह ताल अब पर्यटकों से खचाखच भरा रहता है. 678 हेक्टेयर में फैली यह झील शाम को बेहद मनमोहक लगती है. योगी Government ने इसे विकसित किया है. एनजीटी की निगरानी में संरक्षित यह ताल गोरखपुर घूमने वालों के लिए प्रमुख आकर्षण बन गया है.
खजूरी डैम (दूधिया फॉल), मिर्जापुर:- मिर्जापुर से मात्र 7 किलोमीटर दूर बरकछा कलां गांव में स्थित खजूरी डैम गर्मियों में खासा आकर्षक है. भारी बारिश में डैम का पानी ओवरफ्लो होने पर दूधिया फॉल बन जाता है. सफेद झरने का नजारा देखने और ठंडे पानी में स्नान करने के लिए वाराणसी, प्रयागराज समेत आसपास के शहरों से पर्यटक पहुंचते हैं. पिकनिक के लिए यह जगह बेस्ट है.
दुधवा नेशनल पार्क, लखीमपुर खीरी:- भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित दुधवा नेशनल पार्क गर्मियों में भी वन्यजीवों को देखने का शानदार मौका देता है. 490 वर्ग किलोमीटर में फैला यह पार्क बाघ, हाथी, तेंदुआ और बारहसिंगा का घर है. घास के मैदान, दलदल और घने जंगल गर्मी में भी ठंडक का अहसास कराते हैं. प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह पार्क यादगार अनुभव देता है.
रामघाट, चित्रकूट:- चित्रकूट का रामघाट आध्यात्मिक और प्राकृतिक सुंदरता का अनुपम संगम है. भगवान राम के वनवास से जुड़ा यह स्थान गर्मियों में शांत वातावरण देता है. पास में कामादगिरी मंदिर, हनुमान धारा और भरत मिलाप मंदिर हैं. हरे-भरे जंगलों और प्राकृतिक जलप्रपात के बीच यहां की शांति मन को सुकून देती है.
गंगा आरती, वाराणसी:- शिवनगरी काशी का केवल दशाश्वमेध घाट ही नहीं बल्कि चौरासी घाट हर सुबह-शाम गंगा आरती से जगमगा उठता है. शंखनाद, मंत्रोच्चार और दीपों की रोशनी गर्मी की सुबह हो या रात दोनों को यादगार बना देती है.ै.
त्रिवेणी संगम, प्रयागराज:- गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र संगम पर गर्मियों में भी श्रद्धालु आते रहते हैं. संगम स्नान से मिलने वाली शांति और नौका विहार का मजा गर्मी को भुला देता है. पास में इलाहाबाद किला और अशोक स्तंभ जैसे ऐतिहासिक स्थल भी देखे जा सकते हैं. इसके अलावा यहां पातालपुरी मंदिर भी बेहद पवित्र माना गया है. अक्षय वट या अमर बरगद का पेड़ भी आकर्षण का केंद्र है.
सन इको पॉइंट (सोन व्यू पॉइंट), सोनभद्र :- सन इको पॉइंट गर्मियों में मनोरम सोन घाटी का खूबसूरत नजारा पेश करता है. रॉबर्ट्सगंज से 6 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित यह पॉइंट मानसून में छोटे झरनों के लिए प्रसिद्ध है. प्रकृति प्रेमी यहां पिकनिक मनाते हैं. सोन नदी की घाटी का हरा-भरा दृश्य गर्मी की थकान मिटा देता है.
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एमटी/डीकेपी
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