कुमारस्वामी ने बिदादी भूमि अधिग्रहण अधिसूचना को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला बोला

Bengaluru, 12 जून . Union Minister और कर्नाटक जेडी(एस) अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने Friday को बिदादी टाउनशिप परियोजना के लिए किसानों के कड़े विरोध के बावजूद भूमि अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी करने के लिए कांग्रेस Government की कड़ी निंदा की. उन्होंने घोषणा की कि वे इस कदम के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि वे उन किसानों की ओर से लड़ेंगे जिनकी जमीन छिनने वाली है.

बिदादी टाउनशिप विवाद कर्नाटक Government की Bengaluru के पास बिदादी और उसके आसपास के इलाकों में प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण की योजना से जुड़ा है. बिदादी क्षेत्र Bengaluru के निकट स्थित है.

विरोध के बावजूद, Chief Minister डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस Government ने Friday को भूमि अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी.

Union Minister ने Chief Minister डीके शिवकुमार को चुनौती दी कि वे उनके साथ प्रभावित गांवों का दौरा करें और यह निर्धारित करें कि बिदादी टाउनशिप परियोजना के तहत अधिग्रहण के लिए अधिसूचित भूमि के मालिक वास्तव में किसान हैं या नहीं.

कुमारस्वामी ने कहा कि किसानों को किसान न कहना अहंकार की पराकाष्ठा है. यह उन लोगों का घोर अपमान है जो देश का पेट पालते हैं. यदि Chief Minister यह जानना चाहते हैं कि वे वास्तव में किसान हैं या नहीं, तो उन्हें उन गांवों का दौरा करना चाहिए. मैं भी वहां जाऊंगा. उन गांवों के लोग स्वयं तय करें कि जिनकी जमीन छीनी जा रही है वे किसान हैं या नहीं.

उन्होंने कहा कि अंतिम अधिसूचना जारी करने का Government का निर्णय अनुचित था.

उन्होंने आरोप लगाया कि किसान 470 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. विवादित भूमि उपजाऊ कृषि भूमि है. यह Government इसे एक रियल एस्टेट परियोजना के लिए हथियाने की कोशिश कर रही है. अब यह किसानों को उनकी जमीन से बेदखल करने का प्रयास कर रही है. विरोध कर रहे किसानों के खिलाफ First Information Report दर्ज की जा रही हैं, जबकि गृह मंत्री का दावा है कि ऐसी कोई First Information Report दर्ज नहीं की गई है. राज्य में जो हो रहा है उसे समझना मुश्किल है. Government स्वयं निरंकुश अहंकार प्रदर्शित कर रही है.

कुमारस्वामी ने आगे कहा कि त्रासदी इस तथ्य से और भी बढ़ गई है कि ग्रामीणों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि, जिन्हें उन्होंने सत्ता में लाया था, वे भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन गए हैं.

उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अधिसूचना के लिए किसानों की सहमति अनिवार्य है. Government उनकी मंजूरी के बिना आगे नहीं बढ़ सकती. इसके बावजूद, Government ने अंतिम अधिसूचना जारी कर किसानों की आजीविका को नष्ट करने की कोशिश की है. यह अक्षम्य है.

उन्होंने दावा किया कि 80 से 90 प्रतिशत किसान इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं और केवल कुछ स्वार्थी तत्व ही बिदादी बस्ती चाहते हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी जमीन छोड़ने का विरोध कर रहे किसानों पर Police और भाड़े के गुंडों द्वारा अत्याचार किया जा रहा है. अन्य जगहों पर बहुत सी बंजर जमीन उपलब्ध है जहां बस्तियां विकसित की जा सकती हैं. इसके बजाय, यह Government विशेष रूप से बिदादी निवासियों की जमीन हथियाने की साजिश रच रही है.

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