
हैदराबाद, 23 जुलाई . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव (केटीआर) ने तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी को कानूनी नोटिस भेजकर 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है. केटीआर का आरोप है कि Chief Minister ने उन्हें ग्लोब एरिना टेक्नोलॉजीज का ‘बेनामी’ मालिक बताते हुए कई निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाए हैं.
Thursday को जारी बयान में केटीआर ने कहा कि Chief Minister ने मीडिया के सामने बिना किसी सबूत के गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका ग्लोब एरिना टेक्नोलॉजीज से किसी भी प्रकार का स्वामित्व, वित्तीय, व्यावसायिक या अन्य कोई संबंध नहीं है.
उन्होंने कहा, “Chief Minister को 48 घंटे के भीतर अपने आरोपों के समर्थन में ठोस और विश्वसनीय सबूत पेश करने के लिए कहा गया है. यदि वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगनी होगी. अन्यथा उनके खिलाफ मानहानि सहित दीवानी और आपराधिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”
केटीआर ने Chief Minister के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ग्लोब एरिना उनकी बेनामी कंपनी है, उन्होंने कंपनी को सीबीएसई परीक्षा से जुड़े ठेके दिलवाए या उनका कंपनी में कोई वित्तीय हित है. उन्होंने इन सभी आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत और Political दुर्भावना से प्रेरित बताया.
उन्होंने कहा कि राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे Chief Minister का बिना किसी तथ्य के इस तरह के गंभीर आरोप लगाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है.
Chief Minister की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए केटीआर ने कहा कि यदि ग्लोब एरिना वास्तव में उनकी बेनामी कंपनी है, तो फिर कांग्रेस Government ने उसी कंपनी के साथ अनुबंध क्यों किए.
उन्होंने कहा, “आपकी ही Government ने इस कंपनी के साथ समझौते किए और अब आप उसे मेरी बेनामी कंपनी बता रहे हैं. क्या Chief Minister को इस तरह के आरोप लगाने से पहले अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं होना चाहिए?”
केटीआर ने आरोप लगाया कि Chief Minister रेवंत रेड्डी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के असली मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जिम्मेदारी केंद्र Government की है और देशभर के छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि Chief Minister Prime Minister Narendra Modi का नाम लेने से भी बच रहे हैं और केंद्र Government से सवाल पूछने के बजाय Political नाटक कर रहे हैं.
केटीआर ने कांग्रेस और भाजपा के बीच अंदरूनी समझौते का आरोप लगाते हुए कहा कि रेवंत रेड्डी पुराने मामलों के दोबारा खुलने के डर से Prime Minister मोदी के खिलाफ बोलने से बच रहे हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि Chief Minister केंद्र Government से एएमआरयूटी परियोजनाओं और अन्य ठेकों में लाभ लेने के लिए समझौता कर रहे हैं. यही वजह है कि सिंगरेनी को लेकर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी केंद्र Government चुप है.
कांग्रेस नेताओं की जांच की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए केटीआर ने कहा कि वे सीआईडी, सीबीआई, एसआईटी या किसी भी जांच एजेंसी का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
उन्होंने सवाल किया कि क्या राज्य Government रेवंत रेड्डी के परिवार, सृजन रेड्डी प्रकरण, सिंगरेनी घोटाले और एएमआरयूटी परियोजनाओं से जुड़े आरोपों की भी एसआईटी या सीआईडी जांच कराने को तैयार है.
केटीआर ने Chief Minister रेवंत रेड्डी को सार्वजनिक रूप से लाइव लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की चुनौती भी दी. उन्होंने कहा, “हम दोनों को जनता के सामने बैठाकर लाई डिटेक्टर टेस्ट कराया जाए. मेरा ग्लोब एरिना से कोई संबंध नहीं है. साथ ही सिंगरेनी, एएमआरयूटी परियोजनाओं और अन्य भ्रष्टाचार के आरोपों की भी सच्चाई सामने आनी चाहिए. फैसला जनता करेगी कि सच कौन बोल रहा है.”
केटीआर ने Chief Minister से 48 घंटे के भीतर अपने बयान वापस लेने, बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में इस तरह के मानहानिकारक आरोप लगाने से परहेज करने की मांग की. उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने पर वे अपनी प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए Chief Minister के खिलाफ दीवानी और आपराधिक अदालतों में मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे.
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डीएससी
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