
कोलकाता, 25 जून . कोलकाता के तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे पर President द्रौपदी मुर्मु और उपPresident सी.पी. राधाकृष्णन ने गहरा शोक व्यक्त किया है. इस दुर्घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हैं और कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान जारी है.
President भवन द्वारा social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में कहा गया कि कोलकाता में एक गोदाम की छत गिरने से लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है. उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की.
वहीं, उपPresident ने भी हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि कोलकाता में गोदाम ढहने की घटना में लोगों की मौत से वह बेहद व्यथित हैं. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की.
इससे पहले पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने Thursday को विधानसभा में घटना पर बयान देते हुए मृतकों के परिजनों को राज्य Government की ओर से 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. उन्होंने घायलों के लिए एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का भी ऐलान किया.
Prime Minister कार्यालय (पीएमओ) भी पहले ही Prime Minister राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा कर चुका है.
Chief Minister अधिकारी ने विधानसभा में बताया कि Wednesday दोपहर हादसा होने के 30 मिनट के भीतर बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था. प्रारंभिक राहत एवं बचाव कार्य कोलकाता Police, राज्य अग्निशमन सेवा और स्थानीय लोगों ने मिलकर शुरू किया. बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और भारतीय सेना के जवान भी अभियान में शामिल हुए.
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा और Thursday को भी राहत कार्य चल रहा है. Chief Minister के अनुसार अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि घायलों का इलाज जारी है. उन्होंने यह भी बताया कि अभी कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है और उन्हें निकालने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं.
Chief Minister ने बताया कि राज्य Government की ओर से खेल मंत्री इंद्रनील खान और नगर मामलों एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे थे. इसके बाद अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की.
उन्होंने कहा कि वह शुरू से ही स्थिति पर नजर बनाए हुए थे, लेकिन शुरुआती चरण में उनके मौके पर पहुंचने से बचाव अभियान में बाधा आ सकती थी. इसलिए उन्होंने पहले प्रशासनिक स्तर पर स्थिति का प्रबंधन किया और बाद में घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की.
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डीएससी
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