कोलकाता गोदाम हादसा: कमांडेंट मनीष रंजन बोले, पूरी तरह संतुष्ट होने तक नहीं रुकेगा बचाव अभियान

कोलकाता, 26 जून . कोलकाता में गोदाम की छत ढहने से 15 लोगों की मौत हो चुकी है. हादसे के बाद से लगातार राहत और बचाव कार्य जारी है. मलबे में अब भी किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रही हैं. इस बीच, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की दूसरी बटालियन के कमांडेंट मनीष रंजन ने बचाव अभियान के बारे में जानकारी दी.

कमांडेंट मनीष रंजन ने को बताया कि एनडीआरएफ की टीम पूरी घटनास्थल की गहन स्कैनिंग कर रही है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि मलबे के नीचे कोई भी व्यक्ति फंसा न रह जाए. हमने पूरे इलाके को लगभग 24 सेक्टरों में विभाजित किया है और टॉप-टू-बॉटम स्कैनिंग की प्रक्रिया अपनाई है. अधिकांश क्षेत्र की जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ ऐसे डार्क जोन अभी भी हैं जहां भारी मात्रा में कंक्रीट और मलबा जमा है.

मनीष रंजन ने बताया कि इन डार्क जोन में मौजूद भारी कंक्रीट संरचनाओं को हटाने का कार्य जारी है. जैसे ही यह काम पूरा होगा, एनडीआरएफ की टीम दोबारा विस्तृत स्कैनिंग करेगी ताकि किसी भी संभावित पीड़ित की मौजूदगी को लेकर पूरी तरह संतुष्ट हुआ जा सके. हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मलबे के नीचे कोई भी व्यक्ति न छूटे. चाहे कोई पीड़ित मिले या नहीं, जब तक हम पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो जाते कि पूरा क्षेत्र सुरक्षित और साफ है, तब तक अभियान जारी रहेगा.

घटनास्थल पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम भी मौजूद है और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है. उन्होंने बताया कि एफएसएल की टीम स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही है. हमारा मुख्य दायित्व राहत और बचाव कार्यों को अंजाम देना है. हम पूरी तरह रेस्क्यू और रिस्पॉन्स ऑपरेशन पर केंद्रित हैं. घटनास्थल पर जो व्यवस्थाएं और ढांचा हमने तैयार किया है, एफएसएल टीम उसका उपयोग कर रही है.

हादसे की जांच के लिए घटनास्थल का दौरा करने पहुंची 11 सदस्यीय टीम को भी एनडीआरएफ ने विस्तृत जानकारी दी. कमांडेंट मनीष रंजन ने बताया कि टीम को पूरे ऑपरेशन की रूपरेखा समझाई गई. हमने जांच टीम को बताया कि किस प्रकार बचाव अभियान शुरू किया गया, किन-किन चरणों में ऑपरेशन संचालित किया गया और विभिन्न टीमों की तैनाती कैसे की गई. हमने उन्हें हमारी टीमों की कार्यप्रणाली और ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई रणनीति की जानकारी दी. ब्रीफिंग के बाद टीम वहां से रवाना हो गई.

बचाव अभियान कब तक जारी रहेगा, इस सवाल पर कमांडेंट मनीष रंजन ने कहा कि समयसीमा तय करना फिलहाल संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि जब तक हम पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाते कि पूरे इलाके की जांच हो चुकी है और कोई भी व्यक्ति मलबे में फंसा नहीं है, तब तक यह ऑपरेशन जारी रहेगा. हमारी प्राथमिकता हर संभावित स्थान की जांच करना है.

/