कोलकाता: सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा कर सकते हैं टीएमसी के बागी सांसद

कोलकाता, 21 जून . तृणमूल कांग्रेस के बागी Lok Sabha सांसदों का ग्रुप टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने पर विचार कर रहा है. बागी Lok Sabha सांसदों का नेतृत्व चार बार के सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय कर रही हैं.

ये सभी त्रिपुरा स्थित नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो गए. मानहानि मुकदमा का यह विचार महुआ मोइत्रा के एक social media पोस्ट को लेकर किया जा रहा है.

हाल ही में social media पर महुआ मोइत्रा के एक पोस्ट को लेकर विवाद सामने आया. उन्होंने social media पोस्ट में तृणमूल कांग्रेस के दो बागी सांसदों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पैसे के बदले पार्टी छोड़कर एनसीपीआई जॉइन किया है. मोइत्रा ने दावा किया कि हर सांसद को एनसीपीआई में शामिल होने के लिए कम से कम 40 करोड़ रुपए मिले.

हाल ही में Maharashtra में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के कई सांसदों के बागी होने का भी मामला सामने आया है. अफवाहें हैं कि वे ठाकरे को छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं. ठाकरे गुट के संजय राउत ने हाल ही में एक social media पोस्ट में उन पर 15 करोड़ रुपए लेकर धोखा देने का आरोप लगाया था.

इसी पोस्ट को साझा करते हुए महुआ मोइत्रा ने बागी तृणमूल कांग्रेस सांसदों पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने लिखा, ”सिर्फ 15 करोड़? इतने सस्ते में क्यों जा रहे हैं? हमारे सूत्रों के अनुसार उन्हें 4 करोड़ रुपए एडवांस और बाकी 36 महीनों तक 1 करोड़ रुपए प्रति माह मिल रहे हैं.”

सूत्रों के अनुसार, विभिन्न राज्यों में फैले टीएमसी के बागी सांसदों ने Sunday दोपहर एक वर्चुअल बैठक की, जिसमें महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने पर चर्चा हुई.

इस संभावना की पुष्टि करते हुए शताब्दी रॉय ने कहा कि वे इस पर विचार कर रहे हैं. सिर्फ बागी सांसद ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल विधानसभा के बागी विधायकों पर भी महुआ मोइत्रा द्वारा social media पर लगातार तीखे हमले किए जा रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया है कि ये सांसद और विधायक टीएमसी के टिकट पर चुनाव जीतकर पार्टी के साथ धोखा कर रहे हैं और उन्हें पहले इस्तीफा देना चाहिए, उसके बाद ही पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बोलना चाहिए.

एएमटी/डीकेपी