बांसवाड़ा के कूपड़ा तालाब पर हुई बर्डवॉचिंग, प्रवासी परिंदों की दस्तक शुरू

बांसवाड़ा (Banswara) . दक्षिण राजस्थान (Rajasthan) में परिंदों और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे वागड़ नेचर क्लब द्वारा सर्दियों में आने वाले पक्षियों के संबंध में डेटा एकत्र करने के लिए प्रारंभ किए गए ‘एक्सप्लोरिंग बर्ड्स’ कार्यक्रम के तहत शनिवार (Saturday) को कूपड़ा तालाब में बर्डवॉचिंग की गई. क्लब सदस्यों ने शहर के समीपस्थ बर्डफेयर आयोजन साईट के रूप में प्रसिद्ध कूपड़ा तालाब से प्रारंभ इस मुहिम के तहत बर्डवॉचिंग करते हुए पक्षियों के संबंध में डेटा का संग्रहण किया गया.

क्लब के सदस्य व वाईल्ड लाईफ फोटोग्राफर भरत कंसारा, कूपड़ा की मिनीएचर आर्टिस्ट व पर्यावरणप्रेमी सुमन जोशी ने आज जनसंपर्क उपनिदेशक व पक्षीविशेषज्ञ डॉ. कमलेश शर्मा व अन्य सदस्यों के साथ कूपड़ा तालाब पर बर्डवॉचिंग करते हुए स्थानीय व प्रवासी पक्षियों की संख्या, पक्षियों के प्रजनन और जैव विविधता की उपस्थिति पर जानकारी संकलित की.

क्लब सदस्यों ने यहां पर बताया कि तालाब पर फिलहाल बहुत ही कम संख्या में प्रवासी पक्षियों का आगमन हुआ है. यहां पर वर्तमान में प्रवासी पक्षियों में वेगटेल, नॉदर्न शॉवलर, कॉमन पोचार्ड, फेरिजुनस पोचार्ड को ही देखा गया है.  इसी प्रकार तालाब पर बड़ी संख्या में स्पॉटबिल डक्स, कूट्स, कॉटन पिग्मी गूज़, विसलिंग डक्स, व्हाईट ब्रेस्टेड हेन, ग्रीब्स, पाईड किंगफिशर, व्हाईट ब्रेस्टेड किंगफिशर, परपल हेरोन, रिवर टर्न, रेड नेप्ड आईबिस व अन्य स्थानीय पक्षियों की भी साईटिंग की गई है. सदस्यों ने स्थानीय व प्रवासी पक्षियों की संख्या, तालाब पर गंदगी व पानी में प्रदूषण की स्थिति के बारे में भी जानकारी एकत्र की गई.

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