
New Delhi, 18 अप्रैल . महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए सिक्किम से एक विरोध प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया और इसे ‘कड़ी चेतावनी’ बताया.
सिक्किम से जुड़े इस वीडियो को शेयर करते हुए किरेन रिजिजू ने लिखा, “कांग्रेस पार्टी के लिए कड़ी चेतावनी. देखिए, एक छोटे और खूबसूरत राज्य सिक्किम से संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए कितना जबरदस्त समर्थन मिल रहा है.”
किरेन रिजिजू ने एक अन्य पोस्ट में Government की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “हम India की महिलाओं के लिए काम करते रहेंगे. विपक्ष ने इस ऐतिहासिक बिल का समर्थन नहीं किया, जो महिलाओं के सम्मान से जुड़ा है. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में हमारी Government महिलाओं के सम्मान के लिए काम जारी रखेगी.”
Government का कहना है कि यह बिल महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए जरूरी सुधार था, जबकि विपक्ष इसे Political संतुलन और संघीय ढांचे पर असर डालने वाला कदम मानता है.
दरअसल, संविधान का 131वां संशोधन विधेयक, 2026 Lok Sabha में जरूरी दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका और गिर गया. यह विधेयक संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के उद्देश्य से लाया गया था.
Lok Sabha में हुए इस अहम मतदान में विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 वोट इसके खिलाफ गए. इस नतीजे के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.
एनडीए ने इंडिया ब्लॉक पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर इस ऐतिहासिक सुधार को रोकने की कोशिश की, जो महिलाओं की Political भागीदारी बढ़ाने के लिए जरूरी था.
वहीं विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि इसे संसद की सीटों के विस्तार और परिसीमन से जोड़ दिया गया है. उनका तर्क है कि 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या बढ़ाने और नई सीमाएं तय करने से कुछ क्षेत्रों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है.
इस विधेयक में महिला आरक्षण के साथ-साथ Lok Sabha की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव भी शामिल था. यह बदलाव 1971 की जनगणना के बाद से लंबित परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है.
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