
New Delhi, 26 मई . खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने बीते 12 वर्षों में देश में उत्पादन, बिक्री और रोजगार में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है और इस दौरान कुल बिक्री वित्त वर्ष 2025-26 तक 501 प्रतिशत बढ़कर 1.87 लाख करोड़ रुपए हो गई है. यह जानकारी सरकारी डेटा में Tuesday को दी गई.
डेटा जारी करते हुए केवीआईसी के चेयरमैन मनोज कुमार ने कहा कि आयोग ने प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में नए मील के पत्थर हासिल किए हैं, जो मजबूत ग्रामीण आर्थिक विस्तार को दर्शाते हैं.
उन्होंने बताया कि केवीआईसी का उत्पादन बीते 12 वर्षों में 380 प्रतिशत बढ़कर 1.25 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2013-14 में 26,109 करोड़ रुपए था. साथ ही, खादी और ग्रामोद्योग आयोग में रोजगार 56 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 2.04 करोड़ तक पहुंच गया है, जो कि वित्त वर्ष 2013-14 में 1.30 करोड़ था.
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में बिक्री 2013-14 के स्तर से 447 प्रतिशत और उत्पादन 347 प्रतिशत बढ़ा, जबकि वित्त वर्ष 2024 में बिक्री आधार वर्ष की तुलना में 400 प्रतिशत और उत्पादन 315 प्रतिशत बढ़ा.
केवीआईसी के चेयरमैन के अनुसार, यह मजबूत प्रदर्शन न केवल विकसित India 2047 के विजन में योगदान दे रहा है, बल्कि India को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में स्थान दिलाने में भी सहायक है.
चेयरमैन ने इस वृद्धि का श्रेय Prime Minister Narendra Modi के मार्गदर्शन, महात्मा गांधी से मिली प्रेरणा और लाखों ग्रामीण कारीगरों के प्रयासों को दिया.
आंकड़ों के मुताबिक, खादी वस्त्र उद्योग में तेज वृद्धि देखी गई, जिसमें उत्पादन लगभग 390 प्रतिशत बढ़कर 3,974 करोड़ रुपए हो गया, जबकि समीक्षाधीन अवधि के दौरान बिक्री 628 प्रतिशत बढ़कर 7,869 करोड़ रुपए हो गई.
रोजगार सृजन वृद्धि का एक प्रमुख चालक बना हुआ है, जिसमें लगभग 1.99 करोड़ लोग ग्राम उद्योगों में कार्यरत हैं और सभी उद्योगों में कुल रोजगार बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है.
इसी प्रकार, इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है, जिनमें ट्रेनी की हिस्सेदारी लगभग 59 प्रतिशत है और 2025-26 में Prime Minister रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 28,000 से अधिक महिला उद्यमियों ने इकाइयां स्थापित की हैं.
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एबीएस/
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