
New Delhi, 4 जुलाई . Maharashtra में हुए केतन अग्रवाल हत्याकांड में नए-नए खुलासे हो रहे हैं. इस मामले में सिया को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोप है कि सिया ने एक सहेली से चैट में कहा था कि यह शादी कभी नहीं होने वाली है.
Police सूत्रों के मुताबिक, केतन अग्रवाल की हत्या की जांच में नई बातें सामने आई हैं. पता चला है कि दोनों आरोपियों (सिया गोयल और प्रेमी चेतन चौधरी) ने वारदात के बाद निगरानी से बचने के लिए बातचीत में कोड वाली भाषा और निकनेम का इस्तेमाल किया था. Police का यह भी दावा है कि जांच के दौरान सिया और उसकी एक सहेली के बीच स्नैपचैट पर हुई बातचीत सामने आई है, जिसमें उसने चौंकाने वाली बात कही थी, “शादी कभी नहीं होने वाली है.”
सिया और उसकी सहेली के बीच हुई स्नैपचैट बातचीत की जांच की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट का टिकट बुक करने के लिए सिया ने अपने सहेली से आधार कार्ड की कॉपी मांगी थी. सिया ने चैट में कहा, “मुझे अपना आधार कार्ड भेजो ताकि एक ऐसी शादी के लिए टिकट बुक कर सकूं जो कभी होने ही नहीं वाली है.”
Police इस बात की जांच कर रही है कि क्या फ्लाइट बुकिंग उस योजना का हिस्सा थी, जिससे यह दिखाया जा सके कि शादी की तैयारियां चल रही हैं, ताकि हत्या की साजिश से शक हटाया जा सके. इस बात को लेकर भी जांच की जा रही है कि क्या केतन की मौत के बाद अधिकारियों को गुमराह करने के लिए ऐसा किया गया.
अधिकारियों ने कहा कि कथित स्नैपचैट बातचीत की सच्चाई और सबूत के तौर पर उसकी अहमियत अभी तय होनी बाकी है. जांच करने वाले अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा की फोरेंसिक रिकवरी से पता चलता है कि केतन की हत्या के बाद सिया और चेतन चौधरी ने कोड में मैसेज का आदान-प्रदान किया था.
Police को शक है कि इस बातचीत का मकसद कथित साजिश की जानकारी छिपाना था. जांचकर्ताओं का दावा है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन की हत्या की और फिर सबूत मिटाने और जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की.
केतन हत्याकांड में दोनों आरोपियों को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अदालत ने Police की ओर से हिरासत में पूछताछ के लिए तीन दिन की अवधि बढ़ाने की अपील को खारिज कर दिया.
Police ने हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग करते हुए तर्क दिया था कि सिया और चेतन के बीच हुई बातचीत को समझने, उनके मकसद का पता लगाने और हत्या की कथित साजिश में उनकी भूमिका तय करने के लिए आमने-सामने पूछताछ जरूरी है.
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एसडी/
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