केरलः दोहरे हत्याकांड के दोषी चेंथमारा को पलक्कड़ कोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

पलक्कड़, 17 जुलाई . केरल को हिला देने वाले नेनमारा डबल मर्डर केस में पलक्कड़ की एडिशनल सेशंस कोर्ट ने दोषी चेंथमारा को मौत की सजा सुनाई है. कोर्ट ने अभियोजन और बचाव पक्ष की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद इस अपराध को “दुर्लभतम मामलों” की श्रेणी में रखा.

कोर्ट ने चेंथमारा को 20 लाख का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया, जो मारे गए सुधाकरन और सजिथा के बच्चों को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा. अगर दोषी यह रकम नहीं भर पाता है, तो राज्य Government को मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है. कोर्ट ने यह भी कहा कि जुर्माना न भरने पर तीन साल की अतिरिक्त सजा होगी.

कोर्ट ने दोषी के “पछतावे की कमी”, हत्याओं को बार-बार सही ठहराने और पीड़ितों के परिवार को दी गई धमकियों का जिक्र किया. कोर्ट ने यह भी पाया कि चेंथमारा मानसिक रूप से ठीक था. कोर्ट ने बचाव पक्ष के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि मानसिक परेशानी के कारण चेंथमारा को कम सजा मिलनी चाहिए.

सजा सुनाते हुए कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की इस बात को माना कि हत्याएं पहले से सोची-समझी साजिश के तहत की गई थीं और चेंथामारा समाज के लिए लगातार खतरा बना हुआ था. स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर एन. जे. विजयकुमार ने कहा कि कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की सभी दलीलें मान लीं. जांच अधिकारी मुरलीधरन और पलक्कड़ जिला Police प्रमुख अब्दुल रशीद ने कहा कि Police की गहन जांच और अभियोजन पक्ष के साथ बेहतर तालमेल ने दोषी को सही सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

हालांकि, बचाव पक्ष के वकील जैकब मैथ्यू ने कहा कि कोर्ट ने सबूतों पर ठीक से गौर नहीं किया. उन्होंने कहा कि इस फैसले को अपील के जरिए ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी.

इससे पहले कोर्ट ने चेंथामारा को 50 साल के सुधाकरन और उनकी 75 साल की मां लक्ष्मी की हत्या का दोषी पाया था. इन दोनों की हत्या 27 जनवरी 2025 को नेनमारा के पास पोथुंडी की बोयन कॉलोनी स्थित उनके घर में धारदार हथियार से हमला करके की गई थी.

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुधाकरन और सजिथा के बच्चों ने खुशी जाहिर की और कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और आखिरकार उन्हें न्याय मिला है.

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