केरल हाई कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, दिलीप की मीडिया ट्रायल जांच में देरी पर जताई कड़ी नाराजगी

कोच्चि, 30 जुलाई . केरल हाई कोर्ट ने Thursday को राज्य Government की कड़ी आलोचना की. Government 2017 के चर्चित Actress हमले के मामले में Actor दिलीप कुमार उर्फ पल्सर सुनी के कथित मीडिया ट्रायल को लेकर दर्ज आपराधिक मामलों की जांच में तेजी लाने के कोर्ट के आदेश का पालन करने में नाकाम रही थी.

जस्टिस जोबिन सेबेस्टियन ने कड़ी नाराजगी दिखाते हुए कहा कि बार-बार मौके देने के बावजूद कोर्ट के निर्देशों को लागू नहीं किया गया और चेतावनी दी कि इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा.

पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के जांच एजेंसी से निर्देश लेने के लिए और समय मांगने पर जज ने कहा, “आप इस कोर्ट के निर्देशों का पालन क्यों नहीं कर रहे हैं? मामले को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा. यह ठीक नहीं है.”

कोर्ट दिलीप की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने अपनी शिकायत के आधार पर दर्ज First Information Report में तेजी से जांच की मांग की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक्ट्रेस असॉल्ट केस में ट्रायल की डिटेल्स गैर-कानूनी तरीके से लीक की गईं और बड़े पैमाने पर पब्लिसाइज की गईं, जिसके कारण लगातार मीडिया ट्रायल हुआ.

20 फरवरी को, हाई कोर्ट ने राज्य को दो महीने के अंदर जांच पूरी करने का निर्देश दिया था.

जब डेडलाइन पूरी नहीं हुई तो कोर्ट ने पिछले महीने मौखिक रूप से चेतावनी दी थी कि पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कंटेम्प्ट की कार्रवाई शुरू की जा सकती है.

चेतावनी के बावजूद जांच अधूरी है, जिस पर Thursday को बेंच ने कड़ी टिप्पणी की. मामले को अब आगे की सुनवाई 5 अगस्त को होगी.

दिलीप, जिसे आठवें आरोपी के तौर पर पेश किया गया था और जिस पर 2017 में एक महिला एक्टर पर हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप था, को पिछले साल एर्नाकुलम प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने बरी कर दिया था.

राज्य Government ने बरी किए जाने को हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच के सामने चुनौती दी है, जो दोषी आरोपियों द्वारा अपनी सजा और सजा को चुनौती देने वाली अपीलों पर भी सुनवाई कर रही है.

डिवीजन बेंच ने पहले ही ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड मंगवा लिए हैं क्योंकि वह दूसरी अपीलों की जांच कर रही है.

इस महीने की शुरुआत में इसने मुख्य आरोपी पल्सर सुनी और सह-दोषियों वदिवल सलीम और प्रदीप की सजा सस्पेंड करने की अर्जी भी खारिज कर दी थी.

Thursday की कार्यवाही खास तौर पर दिलीप की शिकायत से जुड़ी है, जिसमें ट्रायल की गोपनीय कार्यवाही के कथित लीक होने और उसके बाद मीडिया कवरेज की बात कही गई है.

हाई कोर्ट की नई चेतावनी राज्य द्वारा कोर्ट की निगरानी में जांच तय समय में पूरी करने में नाकाम रहने पर बढ़ती न्यायिक बेसब्री का संकेत देती है.

एससीएच/डीकेपी