केरल सरकार ने चुनावी वादों को लागू करने का दोहराया संकल्प, जल्द जारी करेगी श्वेत पत्र

तिरुवनंतपुरम, 29 मई . केरल की कांग्रेस-नीत यूडीएफ Government ने Friday को एक नए Political दौर की शुरुआत की. Chief Minister वीडी सतीशन के नेतृत्व में Government ने विधानसभा में अपना पहला नीति भाषण पेश किया, जिसमें बड़े वादे, आर्थिक चुनौतियों की झलक और राजभवन के साथ शुरुआती तनाव शामिल रहा.

यह नीति भाषण Governor राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने 16वीं केरल विधानसभा के पहले सत्र में 73 मिनट में पढ़ा. सत्र की शुरुआत ही विवाद से हुई. Governor के स्वागत में Police बैंड ने “वंदे मातरम” का केवल शुरुआती हिस्सा बजाया, जबकि राजभवन ने रिहर्सल में पूरा गीत बजाने को कहा था. Government ने पुरानी परंपरा के अनुसार इसे पूरा न बजाने का फैसला किया, जिससे Government और राजभवन के बीच तनातनी दिखी.

Government ने कहा कि वह जल्द ही राज्य की आर्थिक स्थिति पर एक श्वेत पत्र जारी करेगी, जिसमें कर्ज और वित्तीय हालत की पूरी जानकारी होगी. इसका मकसद लोगों को राज्य की वास्तविक आर्थिक स्थिति से अवगत कराना है. इस कदम को व्यापक रूप से इस कोशिश के रूप में देखा जा रहा है कि जनता को आने वाले कठिन आर्थिक फैसलों के लिए तैयार किया जाए, साथ ही Government अपनी आक्रामक कल्याणकारी और विकासात्मक योजनाओं को भी उचित ठहरा सके.

नीति भाषण में बार-बार यूडीएफ के चुनावी एजेंडे ‘इंदिरा गारंटी’ का उल्लेख किया गया और कहा गया कि सभी प्रमुख वादों को पूरा किया जाएगा.

इनमें कल्याणकारी पेंशन में वृद्धि, वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अलग विभाग का गठन और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में छात्रवृत्ति जैसे घोषणाएं शामिल हैं

Government ने यह भी दोहराया कि 15 जून से पूरे राज्य में केएसआरटीसी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा लागू की जाएगी, जो उसकी सबसे लोकप्रिय घोषणाओं में से एक है.

बड़े बुनियादी ढांचे के तहत Government ने सड़क, जल और हवाई परिवहन को जोड़ने वाली एकीकृत परिवहन प्रणाली की योजना की. भाषण में आबकारी नीति में सुधार, प्लस वन सीटों का विस्तार, मानव-वन्यजीव संघर्ष वाले क्षेत्रों में मजबूत हस्तक्षेप और कृषि सुधारों की भी बात की गई, जिसमें वैज्ञानिक मिट्टी परीक्षण प्रणाली और महिला किसान संघ शामिल हैं.

Government ने भ्रष्टाचार-मुक्त और धर्मनिरपेक्ष शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति को केरल में जगह नहीं दी जाएगी.

एसीएच/