केरल: तीन पुराने मामलों की जांच के लिए सरकार ने गठित की एसआईटी

तिरुवनंतपुरम, 17 जून . केरल Police की विश्वसनीयता एक बार फिर चर्चा में है. Chief Minister वीडी सतीशन के कार्यभार संभालने के बाद तीन नई एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की गई हैं. ये एसआईटी तीन पुराने मामलों की जांच के लिए गठित की गई हैं, जो पूर्व सीएम पिनाराई विजयन की Government के दूसरे कार्यकाल के दौरान हुई थीं.

‘काफिर स्क्रीनशॉट’ विवाद, अलप्पुझा में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले और इंडिगो फ्लाइट में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पूर्व मंत्री ई.पी. जयराजन के बीच हुई बहस के मामले में दोबारा जांच शुरू हो गई है. ये ऐसे मामले थे, जो Political से जुड़े हुए थे और जांच में कोई खास प्रगति नहीं हुई थी.

सबसे ताजा मामला Wednesday को सामने आया, जब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ई.पी. जयराजन से जुड़े इंडिगो फ्लाइट घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया.

यह घटना तब हुई थी जब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन Chief Minister पिनाराई विजयन के खिलाफ नारेबाजी की थी. Chief Minister उस समय कन्नूर से तिरुवनंतपुरम जा रहे थे. उसी फ्लाइट में मौजूद ई.पी. जयराजन ने इस विरोध के दौरान हस्तक्षेप किया था.

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उनके साथ मारपीट हुई, लेकिन उस समय इस शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी.

एसआईटी के गठन पर Chief Minister वीडी सतीशन ने Wednesday को कहा कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी.

फ्लाइट घटना अब तीसरा ऐसा Political रूप से संवेदनशील मामला है जिसकी दोबारा जांच शुरू की गई है.

‘काफिर स्क्रीनशॉट’ मामले में लंबे समय तक जांच में कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई थी, लेकिन अब एसआईटी ने हाल ही में एक सीपीआई(एम) युवा विंग कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया. बता दें कि 2024 Lok Sabha चुनाव प्रचार के दौरान यह मामला एक बड़ा विवाद बना था.

अलप्पुझा मामले में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन Chief Minister के सुरक्षा कर्मियों ने उन पर हमला किया. उस समय शिकायतों के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी.

अब इस मामले में संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, एसआईटी ने उनसे पूछताछ भी की और अभियोजन पक्ष ने केरल हाई कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत का विरोध किया है.

इन घटनाक्रमों ने एक बार फिर Political रूप से संवेदनशील मामलों में Police की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मुख्य सवाल यह है कि क्या जांच सभी मामलों में समान तेजी से होती है, चाहे संबंधित व्यक्ति का Political प्रभाव कुछ भी हो.

एएमटी/डीकेपी