
तिरुवनंतपुरम, 1 जुलाई . केरल के Police महानिदेशक रावदा ए. चंद्रशेखर ने एक सर्कुलर जारी करते हुए राज्य के सभी Policeकर्मियों को वर्दी में धार्मिक समारोहों, अनुष्ठानों या उत्सवों में शामिल होने से मना किया है, हालांकि उन मामलों में छूट दी गई है जब वे अधिकृत आधिकारिक ड्यूटी पर हों.
यह निर्देश ऐसे कई मामलों के बाद आया है, जिनमें Policeकर्मी वर्दी में धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते और उनकी तस्वीरें व वीडियो social media पर पोस्ट करते देखे गए थे.
इन शिकायतों के बाद Police मुख्यालय ने आधिकारिक वर्दी के उचित उपयोग को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं.
सर्कुलर के अनुसार, Policeकर्मी व्यक्तिगत रूप से धार्मिक समारोहों, त्योहारों या आयोजनों में वर्दी पहनकर शामिल नहीं हो सकते.
हालांकि, यह प्रतिबंध उन अधिकारियों पर लागू नहीं होगा जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण या सुरक्षा व्यवस्था के लिए आधिकारिक ड्यूटी पर तैनात हैं.
सर्कुलर में कहा गया है कि Police वर्दी निष्पक्षता और तटस्थता का प्रतीक है, और इसका उपयोग ऐसे तरीके से नहीं किया जाना चाहिए जिससे किसी विशेष धर्म या धार्मिक गतिविधि का समर्थन होने का भ्रम पैदा हो.
यह आदेश केरल Police के सभी रैंकों पर लागू होगा, जिसमें सिविल Police अधिकारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारी तक शामिल हैं.
अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी गई है कि वे social media पर ऐसी कोई सामग्री, जैसे वीडियो या रील, साझा न करें जिसमें वे व्यक्तिगत रूप से धार्मिक कार्यक्रमों में वर्दी पहनकर शामिल होते दिखें.
इस कदम का उद्देश्य Police बल के पेशेवर मानकों को मजबूत करना और उसकी धर्मनिरपेक्ष छवि तथा सार्वजनिक विश्वसनीयता को बनाए रखना है.
वरिष्ठ Police अधिकारियों के अनुसार, यह निर्देश यह सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है कि वर्दी केवल अधिकृत ड्यूटी के दौरान ही उपयोग की जाए और Policeकर्मी अपनी जिम्मेदारियों को निभाते समय संस्थागत तटस्थता बनाए रखें.
यह सर्कुलर Policeकर्मियों के लिए एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि Police वर्दी राज्य की सत्ता का प्रतीक है और इसे व्यक्तिगत धार्मिक गतिविधियों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
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एएमटी/डीकेपी
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