
तिरुवनंतपुरम, 29 मई . मेट्रो मैन ई. श्रीधरन ने Friday को सचिवालय में Chief Minister वीडी सतीशन के साथ राज्य के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर विस्तृत चर्चा की. दोनों के बीच यह बातचीत केरल की हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को नई दिशा देने वाले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में का हिस्सा थी.
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि माना जा रहा है कि यूडीएफ Government पिछली पिनाराई विजयन Government द्वारा परिकल्पित विवादास्पद के-रेल सिल्वरलाइन परियोजना के स्थान पर श्रीधरन के वैकल्पिक मार्ग प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है.
सूत्रों ने बताया कि Chief Minister ने प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि इसमें मूल सिल्वरलाइन परियोजना की तुलना में बहुत कम भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी. क्योंकि भूमि अधिग्रहण को लेकर केरल भर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे.
श्रीधरन ने तिरुवनंतपुरम और कन्नूर को जोड़ने वाले 430 किलोमीटर लंबे महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा, जिसमें लगभग तीन-चौथाई हिस्सा एलिवेटेड ट्रैक के रूप में प्रस्तावित है. कुछ हिस्सों को भूमिगत भी बनाया जाएगा, जिससे विस्थापन और पर्यावरणीय प्रभाव कम से कम हो.
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1 लाख करोड़ रुपए है.
बैठक के दौरान, श्रीधरन ने Chief Minister को परियोजना पर एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपी. पोन्नानी विधायक केपी नौशाद अली भी चर्चा में शामिल हुए.
Government द्वारा अंतिम निर्णय लेने से पहले परामर्श के और दौर आयोजित करने का निर्णय लिया गया है. सूत्रों के अनुसार, Chief Minister सतीशन ने श्रीधरन को सूचित किया कि परियोजना पर Government का आधिकारिक रुख दो सप्ताह के भीतर घोषित कर दिया जाएगा.
प्रस्तावित कॉरिडोर केरल के चार प्रमुख हवाई अड्डों को जोड़ने की उम्मीद है और इसे राज्य के लिए एक आधुनिक उच्च गति परिवहन विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है.
श्रीधरन ने परियोजना को विस्तार से तैयार करने के लिए Government के साथ मिलकर काम करने की इच्छा पहले ही व्यक्त कर दी है.
पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद सतीशन Government ने तिरुवनंतपुरम-कासरगोड के-रेल सिल्वरलाइन परियोजना को औपचारिक रूप से रद्द कर दिया था.
हालांकि, Chief Minister ने कहा था कि केरल को अभी भी एक आधुनिक हाई-स्पीड परिवहन प्रणाली की आवश्यकता है और विस्तृत अध्ययन के बाद वैकल्पिक मॉडलों पर विचार किया जाएगा. अब श्रीधरन का प्रस्ताव इस खोज में सबसे आगे दिख रहा है.
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एमएस/
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