
तिरुवनंतपुरम, 4 मई . केरल के Chief Minister पिनाराई विजयन ने Monday रात Governor राजेंद्र वी. आर्लेकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया. यह इस्तीफा सीपीआई-एम के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) की अभूतपूर्व चुनावी हार के कुछ घंटों बाद दिया गया.
Governor ने विजयन से नए Chief Minister के पदभार ग्रहण करने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया.
एलडीएफ की सीटें घटकर 35 रह गईं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटें और भाजपा ने केवल तीन सीटें जीतीं.
इस इस्तीफे के साथ ही विजयन का एक दशक लंबा कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया. विजयन 2016 से लगातार दो कार्यकालों तक Chief Minister रहे और राज्य के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले Chief Minister बने.
2021 में उनके पुन: निर्वाचित होने से केरल की लंबे समय से चली आ रही बारी-बारी से Governmentों की परंपरा टूट गई, और वे राज्य के Political इतिहास में सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक के रूप में स्थापित हो गए. फिर भी, उनका जाना एक बेहद निराशाजनक अनुभव रहा.
इस हार का पैमाना एलडीएफ के लिए एक ऐतिहासिक निम्न स्तर है, जिससे शासन, सत्ता-विरोधी लहर और लगातार दस वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद मतदाताओं के साथ पार्टी के जुड़ाव पर गंभीर सवाल उठते हैं.
विजयन ने प्रशासनिक दृढ़ता और केंद्रीकृत निर्णय लेने की छवि बनाई थी. उन्होंने एक ऐसे दौर की अध्यक्षता की जो संकट प्रबंधन और विवादों से भरा रहा, जिसमें लगातार बाढ़ और महामारी से निपटने से लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों और शासन शैली को लेकर विपक्ष के निरंतर हमलों का सामना करना शामिल था.
जैसे ही एलडीएफ आत्मनिरीक्षण में जुटी, सबकी निगाहें अब विजयन के अगले Political कदम पर टिक गईं.
पार्टी में उनके रुतबे और विधायी अनुभव को देखते हुए, इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या वे नव निर्वाचित विधानसभा में विपक्ष के नेता की भूमिका निभाएंगे.
फिलहाल, यह इस्तीफा सिर्फ सत्ता का एक सामान्य हस्तांतरण नहीं है, बल्कि एक ऐसे युग का अंत है जिसने केरल के Political परिदृश्य को नया रूप दिया, एक ऐसा युग जो ऐतिहासिक उम्मीदों के साथ शुरू हुआ और एक ऐतिहासिक झटके के साथ समाप्त हुआ.
विजयन का यह पलटाव उनके 82वें जन्मदिन से ठीक दो सप्ताह पहले आया है. मई 2016 में, Chief Minister पदभार संभालने से ठीक पहले, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मीडियाकर्मियों को मिठाई बांटी और पूछा कि क्या कोई जानता है कि ऐसा क्यों किया जा रहा है. जब किसी ने कोई जवाब नहीं दिया, तो उन्होंने कहा कि यह उनके जन्मदिन के कारण किया जा रहा है.
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एमएस/
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