
New Delhi, 22 जुलाई . शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन को समर्थन दिया है.
Wednesday को प्रेस वार्ता के दौरान शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दिल्ली Police की ओर से छात्रों पर बल प्रयोग की कड़ी निंदा की है. उन्होंने कहा कि Government शुरुआत में अगर बातचीत का रास्ता निकालती तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता. उद्धव ठाकरे ने कहा, “महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार बिल्कुल मंजूर नहीं है. बच्चे किसी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं तो इसमें क्या बुराई है? यह उनके भविष्य का मामला है. एक व्यक्ति या बच्चों का भविष्य, आपको चुनना है.”
उन्होंने पूर्व के धरना प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि इंदिरा गांधी के समय में सोनम वांगचुक के पिता भी अनशन पर थे, तब इंदिरा गांधी ने उनसे बात की थी. इसी तरह अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान कांग्रेस Government ने बातचीत की. उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रजातंत्र में बातचीत जरूरी है. अगर बातचीत नहीं होती तो वह प्रजातंत्र नहीं कहलाता.
आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की और काफी देर तक बहुत अच्छी बातचीत हुई. हमने देश के मौजूदा हालात और कई मुद्दों पर चर्चा की. खासकर, हमने देशभर में चल रहे युवा आंदोलन के बारे में विस्तार से बात की. दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहा विरोध प्रदर्शन युवाओं के गुस्से, निराशा को दिखाता है. मैं कल दिन में जंतर-मंतर गया था और उद्धव ठाकरे कल रात वहां गए थे. हम दोनों ने लोगों से मुलाकात की और विरोध प्रदर्शन कर रहे नेताओं से बातचीत की.
केजरीवाल ने कहा कि Government से हमारी अपील है कि ये हमारे देश के बच्चे हैं और देश का भविष्य हैं. हम Government को बताना चाहते हैं कि प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, मूल्यांकन प्रणालियां विफल हो रही हैं और शिक्षा व परीक्षा प्रणाली के भीतर बड़े रैकेट काम कर रहे हैं. इसे ठीक करना Government की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, परीक्षा प्रणाली को ठीक किया जाना चाहिए. हम इस आंदोलन का पूरा समर्थन करते हैं. Government को चाहिए कि वे छात्रों से बात करें और बेहतर समाधान निकालें.
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डीकेएम/पीएम
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