
तिरुवनंतपुरम, 5 मई . केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में सियासी हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस पार्टी किसी भी वक्त पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर सकती है, जो Chief Minister के चयन को लेकर कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक आयोजित कराएंगे. Chief Minister पद की दौड़ में फिलहाल तीन बड़े नाम सबसे आगे हैं, जिसमें केसी वेणुगोपाल, वी.डी. सतीशन और रमेश चेन्निथला के नाम शामिल हैं.
पार्टी के वरिष्ठ पर्यवेक्षक, जिन्हें केरल चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, Thursday को तिरुवनंतपुरम पहुंचेंगे. माना जा रहा है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) Government गठन से पहले सहयोगी दलों की राय भी ले सकती है, ताकि गठबंधन में संतुलन बनाए रखा जा सके. इस बीच केसी वेणुगोपाल Tuesday को अपने निर्वाचन क्षेत्र अलप्पुझा में हैं और शाम तक दिल्ली रवाना होने की संभावना है.
4 मई को आए चुनाव नतीजों के बाद कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) की स्पष्ट बढ़त का जोरदार स्वागत किया. पार्टी ने इसे ‘यूडीएफ की एकता की जीत’ बताया और दावा किया कि दक्षिण India में भारतीय जनता पार्टी अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है.
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने से बातचीत में कहा, “यह जीत हमारे लिए बहुत बड़ी है. देशभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बधाई और केरल की जनता को विशेष धन्यवाद, जिन्होंने यूडीएफ को न सिर्फ बहुमत दिया बल्कि भारी बहुमत से जिताया.”
उन्होंने इसे Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की रणनीति की सफलता बताया. साथ ही उन्होंने केसी वेणुगोपाल के लोगों को एकजुट करने के प्रयासों की भी सराहना की.
एक और राज्य में कांग्रेस का Chief Minister बनने की संभावना पर प्रतापगढ़ी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हमें गर्व है कि हमारे मुख्यमंत्रियों की संख्या में इजाफा होगा. यूडीएफ केरल में स्पष्ट बहुमत के साथ Government बनाने जा रहा है.” उन्होंने यह भी बताया कि वे राज्य में वरिष्ठ पर्यवेक्षक के तौर पर काम कर रहे थे, इसलिए इस परिणाम से बेहद खुश हैं.
कांग्रेस नेता और तेलंगाना फिशरमैन कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष मेटू साई कुमार ने इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जीत करार दिया. उन्होंने भाजपा पर संवैधानिक व्यवस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके बावजूद दक्षिण India में भाजपा का प्रभाव लगातार घट रहा है.
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