
मंगलुरु (कर्नाटक), 6 मई . कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यूटी खदर ने Wednesday को श्रृंगेरी पुनर्गणना विवाद और भाजपा विधायक डीएन जीवराज को शपथ दिलाने में देरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार जल्द पूरी कर ली जाएगी.
यह ध्यान देने योग्य है कि श्रृंगेरी पुनर्गणना विवाद Tuesday को और बढ़ गया, जब कर्नाटक भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने Governor थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर विधानसभा अध्यक्ष खदर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. आरोप था कि वे भाजपा विधायक जीवराज को शपथ दिलाने में देरी कर रहे हैं. भाजपा नेताओं ने Governor से खुद शपथ दिलाने की मांग भी की.
मंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए खदर ने कहा कि वे जल्द से जल्द विजयी उम्मीदवार को शपथ दिलाएंगे और इसके बारे में जीवराज को सूचित करेंगे.
उन्होंने यह भी बताया कि Governor गहलोत ने इस मुद्दे पर उनसे फोन पर बात की थी. खदर ने कहा, “इस मामले में Governor की कोई गलती नहीं है. उन्हें जो जानकारी दी गई है, उसके आधार पर वे स्पष्टीकरण मांगेंगे. मैंने स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है.”
देरी के आरोपों को खारिज करते हुए स्पीकर ने कहा कि ऐसी कोई मंशा नहीं है और वे संविधान व स्थापित नियमों के अनुसार ही कार्य करेंगे. उन्होंने कहा, “यह ऐसा मामला है जिसमें उचित चर्चा की जरूरत है. मैं शपथ दिलाऊंगा, इसमें कोई देरी नहीं है.”
खदर ने उन बयानों के प्रति भी सावधानी बरतने को कहा, जो संवैधानिक पदों पर सवाल खड़े कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान लोकतांत्रिक और संसदीय प्रणाली को मजबूत नहीं करते. उन्होंने भाजपा की आलोचना की ओर इशारा करते हुए कहा, “संवैधानिक पदों को लेकर भ्रम पैदा करना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.”
आरोपों पर जवाब देते हुए कि वे प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे, खदर ने बताया कि शपथ के लिए आवेदन सुबह ही तत्काल कार्रवाई के अनुरोध के साथ दिया गया था. “उन्हें कम से कम 24 घंटे का समय देना चाहिए. अगर आवेदन सुबह दिया गया है, तो उसी शाम शपथ कैसे दिलाई जा सकती है?”
उन्होंने कहा कि मामले की जटिलता को देखते हुए कानूनी सलाह सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है. घटनाक्रम का जिक्र करते हुए खदर ने बताया कि पहले कांग्रेस उम्मीदवार टीडी राजेगौड़ा को विजेता घोषित कर शपथ दिलाई गई थी, जबकि बाद में जीवराज अदालत गए, जिसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर पुनर्गणना हुई और वे विजयी घोषित हुए.
खदर ने कहा, “अगर कल फिर कोई नया घटनाक्रम होता है और परिणाम बदल जाते हैं, तो हमें कैसे आगे बढ़ना चाहिए? क्या विधायक का पद अपने आप निलंबित हो जाएगा? ये सभी मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं और इन पर सावधानीपूर्वक विचार की जरूरत है.”
मामले के अदालत में जाने पर स्पीकर ने कहा कि यह सीधे तौर पर उनका विषय नहीं है. उन्होंने कहा, “यह Government, विपक्ष, उम्मीदवारों और न्यायपालिका का मामला है. मेरी जिम्मेदारी है कि मैं संविधान, लोकतांत्रिक सिद्धांतों और नियमों के अनुसार अपना कर्तव्य निभाऊं.”
उन्होंने दोहराया कि संवैधानिक प्रक्रियाओं को लेकर अनावश्यक संदेह और भ्रम से बचना चाहिए, ताकि संस्थाओं पर भरोसा बना रहे.
उल्लेखनीय है कि 2023 के चुनावों से संबंधित श्रृंगेरी विधानसभा क्षेत्र में डाक मतपत्रों की पुनः जांच और पुनर्गणना की प्रक्रिया पिछले सप्ताह कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश पर कराई गई थी. इसके बाद निर्वाचन आयोग ने जीवराज को विजेता घोषित किया, जिन्होंने मौजूदा कांग्रेस विधायक राजेगौड़ा को हराया.
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पीएम
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