
Bengaluru, 29 मई . कर्नाटक के Governor थावरचंद गहलोत ने Chief Minister सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. इसके साथ ही सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद को भी तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है.
Governor कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को Chief Minister पद से इस्तीफा सौंपा था, जिसे 29 मई 2026 को स्वीकार कर लिया गया. Governor थावरचंद गहलोत ने संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया.
Governor थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया को लिखे पत्र में कहा, “मैंने आपके द्वारा प्रस्तुत इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक आप कार्यवाहक Chief Minister के रूप में कार्य करते रहें.”
कर्नाटक Government की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को भेजे गए पत्र में Governor के विशेष सचिव आर. प्रभु शंकर ने कहा कि संबंधित अधिसूचना के तहत सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है और उनकी मंत्रिपरिषद भंग कर दी गई है.
Governor द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि सिद्धारमैया तब तक कार्यवाहक Chief Minister के रूप में बने रहेंगे, जब तक नए Chief Minister के चयन और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती.
सिद्धारमैया के इस्तीफा देने के बाद कर्नाटक में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. कांग्रेस विधायक दल की बैठक जल्द बुलाए जाने की संभावना है, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, उपChief Minister डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही खींचतान इस घटनाक्रम की एक प्रमुख वजह मानी जा रही है.
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी हाईकमान की सलाह पर सिद्धारमैया ने इस्तीफा सौंपा है. अब नए Chief Minister के नाम पर अंतिम फैसला दिल्ली में पार्टी नेतृत्व द्वारा लिए जाने की संभावना है. हालांकि, डीके शिवकुमार का Chief Minister बनना लगभग तय माना जा रहा है.
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एससीएच/एएस
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