
Bengaluru, 19 अगस्त . कर्नाटक Government ने Wednesday को विधानसभा के दोनों पटलों पर विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वह अपना प्रदर्शन बंद करके चर्चा में सक्रिय रूप से भागीदारी निभाए. दरअसल, विपक्षी दल योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें मंत्री कथित भूमिका की वजह से उनसे इस्तीफा मांगा जा रहा है.
डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने विधानसभा और विधान परिषद में बयान देते हुए कहा कि विपक्षी दल नागेंद्र पर आरोप लगाकर सदन के कामकाज को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है. साथ ही, उन्होंने मांग की कि इस मुद्दे पर संवैधानिक और संसदीय तरीके से चर्चा होनी चाहिए.
Government ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही जनता के पैसे से संचालित की जाती थी, लेकिन Political कारणों की वजह से जिस तरह से सदन के कामकाज में बाधा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, उससे जनता और संविधान का नुकसान हो रहा है.
Government की ओर से जारी बयान के मुताबिक, वाल्मीकी कॉरपोरेशन ने 19 फरवरी 2024 को यूनियन बैंक में एक खाता खोला था. यह बैंक Bengaluru के एमजी रोड पर स्थित है. यह सभी फंड इसे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते थे.
4 मार्च 2024 तक कुल 187.33 करोड़ रुपए बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे, जिसमें 20 बैंक खातों से 143.99 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए. इन सभी खातों की देखरेख कॉरपोरेशन के जरिए ही जाती थी और बाकी के 43.33 करोड़ रुपए राज्य हुजूर खाते से ट्रांसफर किए गए थे.
Government ने कहा कि निगम के प्रबंध निदेशक के पास फंड को ट्रांसफर करने का अधिकार है. गौर करने वाली बात यह है कि इस फंड को ट्रांसफर करने के लिए न ही किसी मंत्री की मंजूरी की आवश्यकता थी और न ही Government की.
187.33 करोड़ और 89.63 करोड़ रुपए बाद में 18 अप्रत्याशित बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए थे और यह सबकुछ फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर किया गया था. Government के मुताबिक, 5 करोड़ रुपए 23 मई 2024 को बाद में कॉरपोरेशन यूनियन बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए थे. यह बैंक हैदराबाद में स्थित है.
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब निगम के लेखा अधीक्षक पी. चंद्रशेखर ने 25 मई, 2024 को शिवमोग्गा स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली. Government के अनुसार, उन्होंने छह पन्नों का एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें निगम के फंड के अवैध हस्तांतरण का आरोप लगाया गया था.
चंद्रशेखर की पत्नी कविता की शिकायत के आधार पर, 26 मई को शिवमोग्गा के विनोबानगर Police स्टेशन में आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित एक मामला दर्ज किया गया था.
28 मई को, निगम के महाप्रबंधक ने Bengaluru के हाई ग्राउंड्स Police स्टेशन में कथित अवैध धन हस्तांतरण के संबंध में शिकायत दर्ज कराई.
Government ने कहा कि उसने व्यापक जांच करने के लिए 31 मई, 2024 को आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के तहत एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों की शिकायत के आधार पर 3 जून को First Information Report दर्ज की. Enforcement Directorate (ईडी) ने भी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 6 जून को ईसीआईआर दर्ज की.
Government ने कहा कि सीबीआई और ईडी की जांच के बावजूद राज्य सीआईडी की एसआईटी ने 14 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया.
Government ने कहा कि जांच के दौरान आरोपियों से नकदी, सोने के बिस्कुट, आभूषण और कई वाहन जब्त किए गए.
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एसएचके/डीकेपी
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