
Bengaluru, 23 जुलाई . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Thursday को इंडस्ट्रीज से अपील की कि वे अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने पर ध्यान दें. उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य Government पूरे कर्नाटक में सीएसआर परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाएगी.
फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित ‘ग्लोबल सीएसआर एंड सस्टेनेबिलिटी समिट 2026’ को संबोधित करते हुए डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के विकास में संगठन के योगदान की सराहना की.
फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफकेसीसीआई) को बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “एक साथ आना शुरुआत है, साथ मिलकर विचार करना प्रगति है और साथ मिलकर काम करना सफलता है.”
उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र के विकास से पहले भी एफकेसीसीआई ने कर्नाटक के विकास में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने कहा कि राज्य की तरक्की की नींव उद्योग जगत के इसी योगदान से पड़ी थी.
सीएसआर पर बात करते हुए सीएम डीके शिवकुमार ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को याद किया और कहा कि सीएसआर व्यवस्था लागू करने का श्रेय उन्हें जाता है. उन्होंने कहा, “सीएसआर कोई दान नहीं, बल्कि टिकाऊ विकास में किया गया निवेश है.” उन्होंने यह भी कहा कि जिम्मेदार उद्योग जगत के नेताओं ने इस सोच को गंभीरता से अपनाया है.
शहरीकरण पर बात करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि वह पढ़ाई के लिए अपने गांव से शहर आए थे और फिर कभी वापस नहीं लौटे. उन्होंने कहा कि ऐसी कहानी सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि कई लोगों की है. उन्होंने बताया कि कर्नाटक की 43 प्रतिशत आबादी अब शहरों में रहती है.
उन्होंने कहा कि दिवंगत एस.एम. कृष्णा के साथ मंत्री के रूप में उनके पिछले कार्यकाल में Bengaluru की आबादी करीब 70 लाख थी, जो अब बढ़कर लगभग 1.4 करोड़ हो गई है. साथ ही, उन्होंने कहा कि शहर में करीब 1.30 करोड़ वाहन हैं.
Bengaluru की वैश्विक पहचान का जिक्र करते हुए Chief Minister डीके शिवकुमार ने कहा कि दूरदर्शी नेताओं की रखी मजबूत नींव और यहां की बेहतर शिक्षा व्यवस्था की बदौलत आज दुनियाभर के लोगों का ध्यान इस शहर की ओर है. उन्होंने बताया कि देश के 140 अंतरराष्ट्रीय स्कूलों में से करीब 38 कर्नाटक में हैं.
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की शुरुआत को याद करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि इस परियोजना के दौरान नारायण मूर्ति को इसका अध्यक्ष बनाया गया था. उन्होंने पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि Bengaluru दुनिया के नेताओं की पसंदीदा जगह बनेगा.
उन्होंने कहा, “पहले दुनिया के नेता सबसे पहले दिल्ली, Mumbai , चेन्नई, हैदराबाद या कोलकाता जाते थे, लेकिन अब वे सबसे पहले Bengaluru आते हैं.”
डीके शिवकुमार ने राज्य के औद्योगिक और तकनीकी माहौल का भी जिक्र किया. उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक सिटी, आईटीपीएल और एफकेसीसीआई की ओर से बढ़ावा दिए गए विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र के विकास की सराहना की.
उन्होंने कहा कि मजदूरों के कल्याण के लिए संतुलित नजरिया अपनाना जरूरी है. उनके अनुसार, नियोक्ता और कर्मचारी दोनों ही समान रूप से महत्वपूर्ण हैं.
उन्होंने कहा, “अगर नियोक्ता नहीं होंगे तो कर्मचारी भी नहीं होंगे. हमें दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए. यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कर्मचारियों पर काम का जरूरत से ज्यादा बोझ न पड़े और उन्हें जरूरी सहयोग मिलता रहे.”
सीएम शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक के आईटी क्षेत्र में करीब 26 लाख लोग काम करते हैं. उन्होंने कहा कि कैलिफोर्निया में काम कर रहे 13 लाख इंजीनियरों में से लगभग छह लाख कर्नाटक के हैं. उनके अनुसार, यह राज्य की प्रतिभा और कुशल मानव संसाधन को दिखाता है.
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में करीब 71 मेडिकल कॉलेज हैं. यहां हर साल लगभग 13,900 डॉक्टर और करीब एक लाख अन्य स्वास्थ्यकर्मी तैयार होते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इनमें से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली लोग आखिरकार विदेश चले जाते हैं.
संतुलित क्षेत्रीय विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि अब राज्य का विकास सिर्फ Bengaluru तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दूसरे क्षेत्रों पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में इस समय करीब 10,000 सीएसआर परियोजनाएं चल रही हैं. इनकी निगरानी के लिए मैसूरु, हुबली और राज्य के अन्य जिलों समेत पूरे कर्नाटक में एक अलग सरकारी टीम बनाई जाएगी.
शिवकुमार ने उद्योग जगत से ग्रामीण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा के लिए छात्रों को Bengaluru जाने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए. उन्होंने कंपनियों से स्कूलों को गोद लेने, शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने और प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने में सहयोग करने की अपील की.
उन्होंने कहा, “आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता प्राथमिक शिक्षा होनी चाहिए. मैं चाहता हूं कि आप स्कूलों को गोद लें और वहां जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित करें. टोयोटा जैसी कंपनियां पहले से ही स्कूल बना रही हैं. मैं चाहता हूं कि दूसरी कंपनियां भी उनसे प्रेरणा लेकर ऐसा करें.”
डीके शिवकुमार ने कहा कि वे चाहते हैं कि कंपनियां सिर्फ बुनियादी ढांचे के लिए आर्थिक मदद ही न करें, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में विशेषज्ञ और प्रशिक्षित लोगों का सहयोग भी दें.
उन्होंने कहा, “आज के समय में बच्चों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी होती है. इसी को ध्यान में रखते हुए हमने कई नई नीतियां शुरू की हैं.”
उन्होंने कहा कि मजबूत उद्योगों से कर्नाटक और अधिक मजबूत बनेगा. सीएम शिवकुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी नई तकनीकें तेजी से समाज को बदल रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि Government को टिकाऊ विकास के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा पर भी प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए.
अपने भाषण के अंत में डीके शिवकुमार ने कहा कि Bengaluru अपनी प्रतिभा, सुहावने मौसम और समृद्ध संस्कृति की वजह से दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है.
उन्होंने कहा कि यह शहर अब सिर्फ ‘गार्डन सिटी’ तक सीमित नहीं रहा है. साथ ही, उन्होंने दावा किया कि Mumbai समेत कई बड़े शहरों की तुलना में Bengaluru आज भी अपेक्षाकृत सस्ता है.
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एसएचके/डीकेपी
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