
Bengaluru, 4 जून . कर्नाटक के वरिष्ठ भाजपा नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कांग्रेस Government पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह Government राहुल गांधी और पूर्व Chief Minister सिद्दारमैया के ‘रिमोट कंट्रोल’ के तहत काम कर रही है, जबकि Chief Minister डीके शिवकुमार के पास कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है.
अशोक ने Thursday को प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में नेतृत्व बदलने से लोगों के लिए कोई असली बदलाव नहीं आया है. Government का सिर्फ पोस्टर बदला है. यह एक पुरानी फिल्म की तरह है, जिसका पोस्टर नया है. Chief Minister के आवास पर नेमप्लेट बदल गई है, लेकिन लोगों की समस्याएं वैसी ही हैं.
उन्होंने दावा किया कि नई कैबिनेट में कुछ छोटे-मोटे बदलावों को छोड़कर, कोई नया चेहरा या कोई सार्थक बदलाव नहीं दिखता है. उन्होंने आरोप लगाया कि फैसले लेने का अधिकार अभी भी वरिष्ठ नेताओं और पार्टी आलाकमान के पास ही केंद्रित है.
अशोक ने राज्य के सामने आ रही कई समस्याओं को गिनाया, जिनमें फसल बर्बाद होने के कारण किसानों की आत्महत्याएं, सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान मौतें, भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें, प्रसूति के दौरान मौतें, माइक्रोफाइनेंस कर्ज का दबाव, वेतन का भुगतान न होना, बुनियादी ढांचे की विफलताएं और सड़कों की खराब हालत (विशेषकर Bengaluru में) शामिल हैं.
उन्होंने कहा, “जब लोगों को सुशासन की उम्मीद थी, तो कांग्रेस ने सिर्फ कुर्सियां बदली हैं.”
उन्होंने Bengaluru में सार्वजनिक प्रदर्शनों और कटआउट को लेकर भी Government की आलोचना की, और आरोप लगाया कि सरकारी निर्देशों और जमीनी स्तर पर उनके पालन में तालमेल की कमी है.
अशोक ने कल्याण और शासन का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर महिलाओं के प्रतिनिधित्व की अनदेखी करने का आरोप लगाया और दावा किया कि सरकारी भर्तियों के संबंध में किए गए वादे पूरे नहीं किए गए हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि वित्तीय बाधाओं और बजट घाटे के कारण बड़े पैमाने पर भर्तियां करना संभव नहीं होगा. अशोक ने ‘India जोड़ो’ पहल पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं को फायदा होगा, आम युवाओं या बेरोजगारों को नहीं.
उन्होंने कहा, “ठेकेदार अभी भी अपने भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, उत्तरी कर्नाटक के स्कूलों को विकास की जरूरत है, और बुनियादी शासन व्यवस्था नदारद है. कई विभागों में राजस्व संग्रह का प्रदर्शन गिरा है.” साथ ही, उन्होंने Government पर बिना उचित क्रियान्वयन के ही योजनाएं घोषित करने और धन की कमी के लिए केंद्र Government पर दोष मढ़ने का आरोप लगाया.
अशोक ने राज्य Government से आग्रह किया कि वह केरल के मॉडल की तर्ज पर एक ‘वित्तीय श्वेत पत्र’ जारी करे, ताकि कर्नाटक की वित्तीय स्थिति की एक पारदर्शी तस्वीर पेश की जा सके. उन्होंने राज्य के कर्ज, राजकोष की स्थिति, खर्च के तरीकों और कल्याणकारी योजनाओं के भावी पीढ़ियों पर पड़ने वाले असर के बारे में स्पष्टता की मांग की.
उन्होंने कहा, “अगर छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है, तो Government को तुरंत विधानसभा में एक श्वेत पत्र पेश करना चाहिए. लोगों को सच जानने का अधिकार है.”
–
एएसएच/एबीएम
Skip to content