
पांवटा साहिब, 28 जून . उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए चार निहंग सिख रिहा होने के बाद पांवटा साहिब (Himachal Pradesh) पहुंचे. निहंग सिख समूहों ने उनका स्वागत किया.
एक निहंग सिख ने कहा कि हमने 25 तारीख को यह तय करके कूच किया था कि हम अपने सिखों की जमानत सुनिश्चित करेंगे और उन्हें साथ लेकर पंजाब लौटेंगे. हमने प्रशासन, संगत, जत्थेबंदियों और Haryana कमेटी के साथ मिलकर काम किया. हमने मिलकर सफलतापूर्वक मोर्चा पूरा किया. हम यह कहना चाहते हैं कि हम प्रशासन के दायरे में हैं. निहंग सिख किसी के खिलाफ नहीं हैं.
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में निहंग सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई मारपीट के मामले में जेल में बंद चारों आरोपियों को अदालत से राहत मिली. जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत ने Saturday को मामले की सुनवाई के बाद चारों निहंग सिख की जमानत याचिका स्वीकार कर ली.
इस प्रकरण में तीन आरोपी पुरसाड़ी जेल में निरुद्ध थे, जबकि एक आरोपी एम्स ऋषिकेश में उपचाराधीन होने के साथ न्यायिक अभिरक्षा में था. अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सतविन्द्र सिंह, अजय सिंह, जसनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह को जमानत दी है.
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मोहन पंत ने पैरवी करते हुए अदालत के समक्ष जमानत का पक्ष रखा. सुनवाई के उपरांत अदालत ने चारों आरोपियों को 50,000 रुपए के बंधकपत्र या दो-दो जमानतियों के साथ जमानत देने का आदेश पारित किया.
16 जून को कर्णप्रयाग में निहंग सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद मारपीट की घटना सामने आई थी. इस मामले में Police ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था. बाद में प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए विवेचना हरिद्वार जनपद स्थानांतरित कर दी गई थी.
अदालत से जमानत मिलने के बाद चारों आरोपियों की रिहाई की प्रक्रिया जमानत की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पूरी की जाएगी.
16 जून को जब चमोली के कर्णप्रयाग में निहंग और स्थानीय लोगों में विवाद हुआ तो Police ने हमला करने वाले निहंगों के खिलाफ जान से मारने का प्रयास करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली. इसके बाद देशभर में इस घटना के संबंध में कई तरह की विवादित पोस्ट social media पर वायरल होने लगी.
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एसडी/
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