कन्हैया कुमार का केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप, बोले- शिक्षा व्यवस्था में फैला भ्रष्टाचार

झारसुगुडा, 10 जून . Odisha के संबलपुर में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने केंद्र Government और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखे आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और विशेष रूप से नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बार-बार कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और युवाओं के भविष्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है.

उन्होंने संबलपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम और छात्र आंदोलनों की धरती है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी धरती से चुने गए प्रतिनिधि के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है और परीक्षाओं की शुचिता प्रभावित हुई है. बार-बार पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई हैं और इससे देशभर के विद्यार्थियों में निराशा और असुरक्षा का माहौल बना है.

कन्हैया कुमार ने कहा कि देश में 80 से अधिक बार पेपर लीक जैसी घटनाएं हुई हैं. यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि एक बड़े तंत्र की समस्या है, जिससे शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं. छात्रों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए.

उन्होंने शिक्षा मंत्री पर नैतिक जिम्मेदारी लेने में विफल रहने का आरोप लगाया और उनके इस्तीफे की मांग की. उन्होंने सवाल उठाया कि Prime Minister द्वारा उन्हें पद से हटाने में देरी क्यों हो रही है. यदि किसी मंत्री के कार्यकाल में लगातार ऐसी घटनाएं होती हैं, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि संबलपुर और Odisha की जनता को यह समझना चाहिए कि उनके प्रतिनिधित्व के दौरान क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को जनता ने चुना है, वह अपने क्षेत्र और राज्य की प्रतिष्ठा के अनुरूप कार्य नहीं कर पा रहा है. यह केवल Political मुद्दा नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता से जुड़ा गंभीर सवाल है.

कन्हैया कुमार ने केंद्र Government पर भ्रष्टाचार और माफिया जैसी प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि Government में बैठे लोगों के बीच ‘कट, कमीशन और भ्रष्टाचार’ जैसी प्रवृत्तियां मौजूद हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और भर्ती प्रणाली में पारदर्शिता की कमी के कारण युवाओं का भरोसा डगमगा रहा है.

उन्होंने विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई, जेल भेजे जाने और Political दबाव के मुद्दों पर भी बात की. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि देश के छात्र और युवा इस स्थिति के खिलाफ आवाज उठाएंगे.

उन्होंने यह भी कहा कि India का इतिहास संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा रहा है और देश किसी भी प्रकार के अन्याय के सामने झुकने वाला नहीं है.

पीआईएम/एबीएम