महिला आरक्षण से कंगना ने जोड़ा ‘जा सिमरन’ कनेक्शन, कहा- ‘जाओ बेटियों, जी लो अपनी जिंदगी’

New Delhi, 16 अप्रैल . Lok Sabha में महिला आरक्षण को लेकर Thursday को BJP MP कंगना रनौत ने कहा कि मैं देश की मातृशक्ति को बधाई देती हूं कि हम इस इतिहास का हिस्सा बन रहे हैं.

उन्होंने कहा कि आज भी बेटियों को जहर दिया जा रहा है. हर महिला के अंदर दर्द है. उन्होंने फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का डायलॉग कहा, “जा सिमरन, जी ले अपनी जिंदगी.” एनडीए Government ने महिलाओं से कहा है कि सारे पिंजरे टूट गए हैं, सारी दीवारें टूट गई हैं. जाओ बेटियों, जी लो अपनी जिंदगी. हम महिलाओं के लिए यह बड़ी बात है. मैं महिलाओं को बधाई देती हूं.

कंगना ने कहा कि India की बेटी जब वैदिक काल में दृष्टा बनी, दर्शनी बनी, विदूषी बनी, तो वे गार्गी और मैत्रेयी बनीं. मध्यकाल में जब वे लड़ीं, तो रानी लक्ष्मीबाई बनीं. अध्यात्म में जब India की बेटी ने परचम लहराया, तो वे मीराबाई और अक्का महादेवी बनीं. आज हमारे देश की बेटियां हर क्षेत्र में India का नाम ऊंचा कर रही हैं, लेकिन Political क्षेत्र में हमारा देश विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चल पा रहा है.

उन्होंने Himachal Pradesh विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 68 विधायक हैं, लेकिन सिर्फ एक महिला विधायक है. देश के अन्य हिस्सों में भी लगभग यही हाल है. Lok Sabha में हमारी उपस्थिति ठीक है, लेकिन वैश्विक स्तर के हिसाब से यह आंकड़ा भी संतोषजनक नहीं है. आज जब यह अवसर हमारी जिंदगी में आया है, तो पीएम मोदी की कही एक बात याद आती है, “पेट में चूहे दौड़ना.” जब भी देश में कुछ अच्छा होता है, तो कांग्रेस के पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं.

कंगना रनौत ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा कह रही हैं कि संविधान बदल देंगे, लोकतंत्र खत्म कर देंगे. कुछ भी करने जाएं, तो ये कहते हैं कि लोकतंत्र खत्म हो जाएगा. थोड़ा सा सामान्य समझ का उपयोग करें, जो Prime Minister मोदी लोकतंत्र के जरिए चुने गए हैं, वे लोकतंत्र को क्यों खत्म करेंगे? उनसे इंदिरा गांधी की तरह कोई कुर्सी नहीं ले रहा है, जो उन्हें कुर्सी पर कब्जा बनाए रखने के लिए लोकतंत्र खत्म करना पड़े. ऐसी कोई स्थिति नहीं है.

उन्होंने कहा कि Prime Minister ने भी कहा है कि लोकतंत्र अगर किसी के लिए सबसे ज्यादा काम करता है, तो वह मेरे लिए करता है. इतनी समझ इन्हें भी होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि विपक्ष को कुछ नहीं मिला, तो वे परिसीमन में ही खामियां निकालने लगे. इसलिए हम इसे नहीं होने देंगे. प्रियंका गांधी जी, यह कोई भाजपा की प्रक्रिया नहीं है, यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है. देश की जनसंख्या बढ़ गई है, तो कुछ बदलाव जरूरी हैं, लेकिन यह किस तरह की बातें की जा रही हैं? उन्होंने कहा कि इस बिल के बाद महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी.

बिल को लेकर जल्दबाजी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि ये लोग पूछ रहे हैं कि इतनी जल्दी क्यों है, तो क्या आपकी तरह 30 साल तक इसे लटकाए रखते? मुझे लगता है कि Prime Minister मोदी महिलाओं को न्याय दिलाने में तेजी दिखा रहे हैं. 60 साल में जो काम नहीं हुए, उन्हें उन्होंने 10 साल में कर दिया.

कंगना रनौत ने कहा कि जब Prime Minister Gujarat के Chief Minister थे, तब उन्होंने जगह-जगह नुक्कड़ नाटकों के जरिए भ्रूण और माताओं के संवाद को लोगों तक पहुंचाया. इससे लोगों में संवेदनशीलता आई और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई, जिससे लिंगानुपात में सुधार हुआ.

विपक्ष के नेता फूल सिंह के बयान का जिक्र करते हुए कंगना ने कहा कि वे कहते हैं कि महिलाएं आकर्षक होंगी तो रेप होंगे ही. सोचिए, यह कैसी मानसिकता है. उन्होंने मुलायम सिंह यादव के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उनके नेता कहते थे कि इस बिल के पास होने के बाद सिर्फ शहरी महिलाएं ही संसद में आएंगी, और पुरुष सीटियां और तालियां बजाएंगे, तो उन्हें कौन नियंत्रित करेगा?

कंगना ने इन बयानों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह बेटियों के प्रति कैसी सोच है? जब मुझे 2024 में टिकट मिला, तो कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने मेरी फोटो के साथ लिखा था कि “मंडी में क्या भाव चल रहा है?” मैं एक कलाकार हूं, मैंने कई तरह के किरदार निभाए हैं और उसके लिए मुझे सम्मान भी मिला है. उन्होंने मेरे एक किरदार की फोटो का गलत इस्तेमाल कर आपत्तिजनक टिप्पणी की. मंडी की बहन-बेटियों ने इसका जवाब दिया, जब चुनाव में मुझे जीत मिली.

उन्होंने कहा कि आज देश में Prime Minister मोदी से बड़ा फेमिनिस्ट कोई नहीं है. India की बेटियां हमेशा उनकी आभारी रहेंगी.

एएमटी/एबीएम