धर्मेंद्र प्रधान विरोध-प्रदर्शन के पहले दिन से ही इस्तीफा देने को तैयार थे: कैलाश विजयवर्गीय

इंदौर, 26 जुलाई . Madhya Pradesh Government में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने Sunday को पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ करते हुए कहा कि अगर पार्टी को जरूरी लगता, तो उन्होंने छात्र विरोध प्रदर्शनों के पहले दिन ही इस्तीफा देने की पेशकश की थी.

मीडिया से बात करते हुए विजयवर्गीय ने कांग्रेस पार्टी की आलोचना की और आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी बल्कि उन्होंने बस इस स्थिति का Political फायदा उठाने की कोशिश की.

उन्होंने कहा, “अगर किसी पड़ोसी के घर बच्चा पैदा हो और कांग्रेस उस पर ढोल बजाने लगे, तो असल में उनकी क्या भूमिका रही? आंदोलन तो छात्रों ने शुरू किया था और कांग्रेस बस उनके पीछे खड़ी रही क्योंकि बंगाल चुनावों के बाद विपक्ष का मनोबल पूरी तरह टूट चुका था.”

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) में उम्मीद दिखी और उन्होंने इसके आंदोलन का समर्थन करने का फैसला किया.

विजयवर्गीय ने कहा, “विपक्ष को सीजेपी में उम्मीद दिखी और उन्होंने उसका साथ दिया. इसमें विपक्ष की असल भूमिका क्या थी? क्या किसी कांग्रेस नेता को लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा? किसी को नहीं.”

विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रधान के व्यवहार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, “मैं धर्मेंद्र प्रधान को कई सालों से जानता हूं. वह हर जिम्मेदारी पूरी लगन से निभाते हैं.

आंदोलन के पहले ही दिन से उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कहा था, ‘अगर आपको लगता है कि मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए, तो मैं दे दूंगा.’ हालांकि, पार्टी अध्यक्ष ने उनसे कहा कि फैसला उचित चर्चा के बाद लिया जाएगा. जब स्थिति बदली, तो उन्होंने कुछ ही मिनटों में अपना इस्तीफा सौंप दिया.”

विजयवर्गीय ने यह भी दावा किया कि प्रधान के इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों की योजनाओं को नाकाम कर दिया जो उनके अनुसार India में अशांति फैलाना चाहती थीं.

उन्होंने कहा, “मैं इस्तीफा देने के उनके फैसले पर उन्हें बधाई देता हूं. उनके इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों के इरादों को नाकाम कर दिया है जो नेपाल और बांग्लादेश की तरह देश में अराजकता फैलाना चाहती थीं.”

नीट पेपर लीक के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने Saturday को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया.

इस्तीफा सौंपते हुए प्रधान ने युवाओं और शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और समर्थन के लिए Prime Minister Narendra Modi का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यह कदम परीक्षा की शुचिता और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए उठाया गया है.

डीकेएम/पीएम