जज मोहम्मद रफीक ने ली हिमाचल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की शपथ

शिमला (Shimla) . न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक ने आज शिमला (Shimla) में हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (judge) की शपथ ग्रहण की. राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई. समारोह का आयोजन राजभवन के दरबार हाल में किया गया, जहां मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने शपथ समारोह की कार्यवाही का संचालन किया और भारत सरकार के विधि और न्याय मंत्रालय द्वारा जारी हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (judge) के रूप में न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक के स्थानान्तरण सम्बन्धी अधिसूचना को पढ़ा. मुख्यमंत्री (Chief Minister) जय राम ठाकुर और उनकी धर्मपत्नी डा साधना ठाकुर भी इस अवसर पर उपस्थित थीं.

न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक का जन्म राजस्थान (Rajasthan) में चुरू जिला के सुजानगढ़ में 25 मई, 1960 को हुआ. उन्होंने राजस्थान (Rajasthan) विश्वविद्यालय से वर्ष 1980 में बी काम, वर्ष 1984 में एलएलबी और वर्ष 1986 में एम काम की डिग्री हासिल की. 8 जुलाई, 1984 को राजस्थान (Rajasthan) बार काउंसिल में पंजीकरण के बाद उन्होंने अधिवक्ता के रूप में कार्य आरम्भ किया. उन्होंने राजस्थान (Rajasthan) उच्च न्यायालय जयपुर (jaipur)में विधि की लगभग सभी शाखाओं में प्रैक्टिस की, जिनमें संवैधानिक मामले, सेवा मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, भू-राजस्व मामले, सीमा शुल्क व आबकारी मामले, कर मामले, कम्पनी मामले और आपराधिक मामले इत्यादि प्रमुख थे. उन्होंने 15 जुलाई, 1986 से 21 दिसम्बर, 1987 तक राजस्थान (Rajasthan) राज्य के सहायक राजकीय अधिवक्ता और 22 दिसम्बर, 1987 से 29 जून, 1990 तक उप राजकीय अधिवक्ता के रूप में कार्य किया. उन्होंने वर्ष 1993 से 1998 तक राज्य सरकार (State government) के विभिन्न विभागों की ओर से उच्च न्यायालय के पैनल अधिवक्ता के रूप में पैरवी की. उन्होंने वर्ष 1992 से 2001 तक स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में उच्च न्यायालय के समक्ष यूनियन आफ इंडिया का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने राजस्थान (Rajasthan) उच्च न्यायालय के समक्ष भारतीय रेलवे, राजस्थान (Rajasthan) राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्थान (Rajasthan) मुस्लिम वक्फ बोर्ड, जयपुर (jaipur)विकास प्राधिकरण, राजस्थान (Rajasthan) हाउसिंग बोर्ड और जयपुर (jaipur)नगर निगम का प्रतिनिधित्व भी किया.

वह 7 जनवरी, 1999 को राजस्थान (Rajasthan) राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता नियुक्त किए गए और बैंच के लिए स्तरोन्नत होने तक इसी पद पर कार्यरत रहे. वह 15 मई, 2006 को राजस्थान (Rajasthan) उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (judge) नियुक्त हुए. वह 7 अप्रैल, 2019 से 4 मई, 2019 और 23 सितम्बर, 2019 से 5 अक्तूबर 2019 तक दो बार राजस्थान (Rajasthan) उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (judge) रहे. मुख्य न्यायाधीश (judge) बनने से पूर्व वह राजस्थान (Rajasthan) राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष और राजस्थान (Rajasthan) उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायाधीश (judge) भी रहे. वह 13 नवम्बर, 2019 से 26 अप्रैल, 2020 तक मेघालय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (judge) भी रहे. मेघालय उच्च न्यायालय से स्थानान्तरित किए जाने के बाद 27 अप्रैल, 2020 को न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (judge) के रूप में शपथ ग्रहण की. उड़ीसा उच्च न्यायालय से स्थानान्तरित किए जाने पर 3 जनवरी, 2021 को उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (judge) की शपथ ली. शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh)उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (judge) न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला, आरट्रैक के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल राज शुक्ला, महाधिवक्ता अशोक शर्मा, विभिन्न आयोगों के अध्यक्ष, पुलिस (Police) महानिदेशक संजय कुण्डू, महापौर सत्या कौंडल, विभिन्न बोर्डों और निगमों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, मुख्य न्यायाधीश (judge) की धर्मपत्नी सीमा रफीक और उनके परिवार के सदस्य, राज्य सरकार (State government) के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे.
 

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