मेडिकल डिवाइस पीएलआई योजना में वित्त वर्ष 2024-25 तक 266.64 करोड़ रुपए जारी: जेपी नड्डा

New Delhi, 24 जुलाई . केंद्र Government ने वित्त वर्ष 2024-25 तक मेडिकल डिवाइस उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत 266.64 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की है, जबकि मेडिकल डिवाइस पार्क योजना के तहत 209.80 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने Friday को Lok Sabha में यह जानकारी दी.

Lok Sabha में एक लिखित उत्तर में नड्डा ने बताया कि मेडिकल डिवाइस पार्कों के लिए जारी किए गए 209.80 करोड़ रुपए में से 177.98 करोड़ रुपए का उपयोग पहले ही किया जा चुका है.

उन्होंने बताया कि मेडिकल डिवाइस उद्योग सुदृढ़ीकरण योजना (एसएमडीआई) के तहत आयात निर्भरता कम करने के लिए सीमांत निवेश योजना (एमआईएस-आरआईडी) के अंतर्गत 101.50 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जबकि मेडिकल डिवाइस क्लस्टरों के लिए साझा सुविधाएं (सीएफएमडीसी) घटक के तहत 88.67 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है.

इनमें से अब तक 20.62 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं.

Union Minister ने कहा कि Government ने मेडिकल डिवाइसों के स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं. इनमें उच्च स्तरीय और अत्यधिक सटीक उपकरणों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू विनिर्माण क्षमता मजबूत हो सके.

उन्होंने बताया कि मेडिकल डिवाइस पीएलआई योजना का कुल परिव्यय 3,420 करोड़ रुपए है. इसके तहत पात्र कंपनियों को चार लक्षित श्रेणियों में बढ़ी हुई बिक्री पर प्रोत्साहन दिया जाता है. इनमें कैंसर देखभाल एवं रेडियोथेरेपी, रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग, एनेस्थेटिक्स, कार्डियो-रेस्पिरेटरी एवं रीनल केयर उपकरण और इम्प्लांट्स शामिल हैं.

Union Minister के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 27 आवेदनों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 14 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) शामिल हैं.

स्वीकृत परियोजनाओं के तहत कंपनियों ने 1,153.07 करोड़ रुपए का वास्तविक निवेश किया है और देश में एमआरआई एवं सीटी स्कैनर, लिनियर एक्सेलेरेटर (एलआईएनएसी), मैमोग्राफी सिस्टम, सी-आर्म, अल्ट्रासाउंड उपकरण, हार्ट वाल्व और स्टेंट जैसे उत्पादों का घरेलू उत्पादन शुरू कर दिया है.

नड्डा ने बताया कि मेडिकल डिवाइस पार्क योजना का कुल परिव्यय 300 करोड़ रुपए है. इस योजना के तहत परीक्षण सुविधाएं, स्टरलाइजेशन यूनिट, वेयरहाउस, इन्क्यूबेशन सेंटर और प्रोटोटाइपिंग सुविधाओं जैसी साझा अवसंरचना विकसित करने में सहायता दी जाती है. प्रत्येक पार्क के लिए केंद्र Government अधिकतम 100 करोड़ रुपए तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

उन्होंने बताया कि वर्तमान में नोएडा (उत्तर प्रदेश), उज्जैन (Madhya Pradesh) और कांचीपुरम (तमिलनाडु) में तीन मेडिकल डिवाइस पार्कों का विकास कार्य चल रहा है.

एबीएस