
New Delhi, 28 जुलाई . केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने Tuesday को केरल को कई बड़े हेल्थकेयर कदमों का भरोसा दिलाया. इनमें तिरुवनंतपुरम के के. करुणाकरण मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में अगले एकेडमिक ईयर से 100 एमबीबीएस सीटों के लिए सैद्धांतिक मंजूरी देना और राज्य के लिए एम्स को मंजूरी देने के केंद्र के वादे को दोहराना शामिल है.
ये आश्वासन New Delhi में केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान दिए गए.
केरल के मंत्री के अनुसार, नड्डा ने इस बात पर चिंता जताई कि लगभग एक दशक पहले करोड़ों रुपए का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बावजूद के. करुणाकरण मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिले शुरू नहीं हो पाए.
इस देरी को ‘आपराधिक लापरवाही’ बताते हुए Union Minister ने कहा कि अगर समय पर दाखिले शुरू हो जाते तो लगभग 1,100 छात्रों को मेडिकल शिक्षा का लाभ मिल सकता था.
मेडिकल शिक्षा के अलावा, नड्डा ने स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी कई अहम पहलों के लिए केरल को केंद्र की ओर से मदद का भरोसा दिया.
उन्होंने राज्य से केरल में India का पहला जेनेटिक इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव भेजने को कहा और जिला अस्पतालों को मजबूत करके हर जिले में ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने में मदद का वादा किया.
Union Minister ने केंद्र की स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीमा कवरेज बढ़ाने के केरल के अनुरोध को सैद्धांतिक मंजूरी दी और राज्य के तीन मानसिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने में मदद का भरोसा भी दिया.
नड्डा ने लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन देने के लिए केंद्रीय मदद का वादा किया और कहा कि केरल द्वारा मौजूदा फंड की कमी बताए जाने के बाद केंद्र नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने पर विचार करेगा.
केरल के प्रतिनिधिमंडल ने गैर-संचारी रोगों की दवाओं, कुछ खास कैंसर की दवाओं और ऐसी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मांगी जो अभी India में उपलब्ध नहीं हैं.
नड्डा ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच की जाएगी और उचित कदम उठाए जाएंगे.
Union Minister ने सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करने में केरल की भूमिका को मानते हुए स्टेट वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट के लिए केंद्रीय सहायता बढ़ाने पर भी सहमति जताई.
मंत्री मुरलीधरन के अनुसार, नड्डा ने केरल की स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली की सराहना की और बैठक को सौहार्दपूर्ण बताया, जिसमें Union Minister ने राज्य की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी.
केंद्र के इन आश्वासनों से, खासकर मेडिकल शिक्षा की क्षमता बढ़ाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और विशेष स्वास्थ्य संस्थानों का समर्थन करने से, केरल के स्वास्थ्य क्षेत्र को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. साथ ही, इससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और मेडिकल शिक्षा में सुधार के व्यापक राष्ट्रीय एजेंडे को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
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एससीएच/डीकेपी
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