झारखंड : आंदोलित छात्रों के साथ तीसरे दौर की वार्ता, छात्र बोले- मांगें पूरी होने के पहले नहीं हटेंगे, 10 अगस्त को विधानसभा घेराव

रांची, 9 अगस्त . Jharkhand में Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और Jharkhand कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन Sunday को 16वें दिन में प्रवेश कर गया. Government और आंदोलनकारी छात्रों के बीच तीसरे दौर की औपचारिक वार्ता Sunday दोपहर 12 बजे होगी.

इससे पहले हुई दो दौर की बातचीत बेनतीजा रही है. Government की ओर से Chief Minister हेमंत सोरेन के निर्देश पर चार सदस्यीय मंत्रियों की समिति ने छात्रों के अलग-अलग गुटों और संगठनों से Friday और Saturday को बातचीत की. समिति में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा और संजय प्रसाद यादव शामिल हैं. पिछले दो दिनों में अलग-अलग स्तर पर पांच दौर की बातचीत हो चुकी है. इसके बावजूद मुख्य मांगों पर गतिरोध कायम है.

छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि अब केवल मौखिक आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा. छात्र प्रतिनिधि रवींद्र कुमार पासवान और जेएलकेएम गुट के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया है कि Government को मांगों पर लिखित और ठोस आश्वासन देना होगा. छात्रों का कहना है कि सभी मांगों पर लिखित निर्णय के बिना वे आंदोलन वापस नहीं लेंगे. छात्र मुख्य रूप से 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा रेगुलर एवं बैकलॉग, 2024 की जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने, टीडीपीएल एजेंसी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द कर सीबीआई जांच कराने और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं.

आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोनों आयोगों की व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जाएं. इस बीच Government ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर छात्रों और राज्यभर के युवाओं से सुझाव भी मांगे हैं. इसके लिए Government की ओर से ईमेल के माध्यम से सुझाव भेजने की व्यवस्था की गई है. हालांकि, आंदोलनकारी छात्र इसे मुख्य मांगों का विकल्प नहीं मान रहे हैं.

छात्रों ने Government को Sunday तक ठोस निर्णय लेने का समय दिया है. उनका कहना है कि यदि दोपहर 12 बजे होने वाली वार्ता में लिखित और संतोषजनक समाधान नहीं निकलता है, तो 10 अगस्त को पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार Jharkhand विधानसभा का घेराव किया जाएगा. इसके अलावा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 11 अगस्त को अलग से विधानसभा मार्च का ऐलान किया है. ऐसे में अगले 24 से 36 घंटे Government और आंदोलनकारी छात्रों के बीच जारी गतिरोध के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.

एसएनसी/एएस