झारखंड छात्र आंदोलन : छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने खत्म की भूख हड़ताल, हबीबा बोलीं- हेमंत हैं, तो हिम्मत है

रांची, 18 अगस्त . जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद Jharkhand Government के मंत्री दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी देर रात को रांची सदर अस्पताल पहुंचे. यहां उन्होंने 16 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म करवाया. इसके बाद देवेंद्र महतो अस्पताल से सीधे अपने घर चले गए. साथ ही हबीबा और राहुल का भी अनशन समाप्त कराया गया.

भूख हड़ताल तोड़ने के बाद देवेंद्र महतो ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज, हमारी भूख हड़ताल के 16वें दिन, हमने सम्मानजनक तरीके से अपना अनशन खत्म किया. Jharkhand के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडे और हमारे विधायक जयराम महतो की संयुक्त पहल से हमने अपनी भूख हड़ताल खत्म का फैसला किया. जिन मांगों के लिए हम संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, वे सभी पूरी हो गई हैं.”

प्रदर्शनकारी हबीबा ने Government की सराहना करते हुए कहा, “हमारी Government ने साबित कर दिया है कि यह आदिवासियों, मूलवासियों और सदनों की Government है और यह उनके हितों के बारे में सोचती है. आज हमें यह एहसास हुआ है. उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर हेमंत हैं, तो हिम्मत है.”

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा रद्द करने के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा, “जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच की ओर से, हम छात्रों के हित में यह ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय लेने के लिए Chief Minister और Jharkhand Government का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं.”

वही, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि देवेंद्र महतो, हबीबा और राहुल ने स्वेच्छा से अपनी भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला किया और हमने उन्हें जूस पिलाया जिसके बाद उनका अनशन समाप्त हो गया.”

इरफान अंसारी ने इस फैसले का श्रेय राहुल गांधी और Chief Minister हेमंत सोरेन को दिया. उन्होंने कहा, “यह Chief Minister का एक ऐतिहासिक निर्णय था. राहुल गांधी ने हमें निर्देश दिया और एक पत्र लिखा, जिसके बाद Government ने युवाओं की मांगों को स्वीकार कर लिया. राहुल गांधी का बहुत-बहुत धन्यवाद. उनकी कोशिशें रंग लाईं, जिसके बाद हमारे Chief Minister ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया.”

उन्होंने आगे कहा, “सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग बहुत कठिन थी और आमतौर पर कोई भी Government ऐसी मांग को नहीं मानती. लेकिन Chief Minister हेमंत सोरेन ने बहुत उदारता दिखाई.”

मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा, “Jharkhand में छात्रों का एक बहुत महत्वपूर्ण आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें मुख्य रूप से सुधारों की मांग की गई थी. Government हमेशा इस मुद्दे के प्रति संवेदनशील रही है और Chief Minister छात्रों के आंदोलन पर बारीकी से नजर रखे हुए थे.”

दीपिका पांडे ने कहा कि राहुल गांधी ने भी लगातार छात्रों के हितों के समर्थन में बात की है. Government ने छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है.

पीआईएम/एएस