नीट-री एग्जाम पर झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी बोले, किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं

New Delhi, 21 जून . देशभर में आयोजित री-नीट यूजी 2026 परीक्षा के बीच Jharkhand के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि नीट जैसी परीक्षा लाखों छात्रों और उनके परिवारों के सपनों से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए.

इरफान अंसारी ने से कहा कि वह स्वयं एक डॉक्टर हैं और अच्छी तरह जानते हैं कि एमबीबीएस की पढ़ाई कितनी कठिन होती है और इस डिग्री का कितना महत्व है.

उन्होंने कहा कि हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बेटा या बेटी डॉक्टर बने. इसके लिए गरीब परिवार अपनी जीवनभर की जमा पूंजी तक खर्च कर देते हैं और बच्चों को कोचिंग के लिए दूसरे राज्यों में भेजते हैं, ताकि वे नीट परीक्षा में सफल हो सकें.

उन्होंने कहा कि पिछली नीट परीक्षा का रद्द होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था. मंत्री ने केंद्र Government से अपील करते हुए कहा कि अन्य मामलों में भले ही चूक हो जाए, लेकिन छात्रों के भविष्य से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण मामलों में किसी भी तरह की विफलता स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए.

इरफान अंसारी ने कहा कि परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितताओं और दबाव के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या तक कर ली, इसलिए संबंधित एजेंसियों को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो.

वहीं, Samajwadi Party के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि सभी छात्र सफल हों और देश के भविष्य को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं. Samajwadi Party इस मुद्दे पर कोई Political टिप्पणी नहीं करना चाहती परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न हो, ताकि विद्यार्थी बिना किसी परेशानी के परीक्षा दे सकें.

री-नीट यूजी 2026 परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर cctv निगरानी और आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं.

पीएम