
New Delhi/रांची, 8 जुलाई . Jharkhand में औद्योगिक निवेश के लिए वैश्विक और घरेलू निवेशकों को आमंत्रित करने, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य उभरती तकनीकों पर आधारित उद्योगों की संभावनाओं को लेकर New Delhi के होटल ताज पैलेस में Wednesday से दो दिवसीय ‘नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन’ शुरू हुआ.
उद्घाटन सत्र को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए Chief Minister हेमंत सोरेन ने कहा कि Jharkhand अब केवल खनिज आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और समावेशी विकास के जरिए अपनी नई पहचान बनाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य की पहचान अब सिर्फ ‘माइन्स’ से नहीं, बल्कि ‘माइंड’ से, सिर्फ ‘रिसोर्स’ से नहीं, बल्कि ‘रिसर्च’ से और सिर्फ ‘ग्रोथ’ से नहीं, बल्कि ‘इंक्लूसिव ग्रोथ’ से होगी.
Chief Minister ने दावा किया कि राज्य तकनीक, अनुसंधान, नवाचार और समावेशी विकास को केंद्र में रखकर अपना नया विकास मॉडल तैयार कर रहा है. उन्होंने कहा कि विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) में Jharkhand की उपस्थिति दर्ज होने के बाद राज्य अब तकनीकी क्रांति और ‘टेक्नोलॉजी गवर्नेंस’ के अपने मॉडल के साथ आगे बढ़ने को तैयार है. विकास के लिए दूसरे राज्यों की नकल करने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों और संसाधनों के अनुरूप नीतियां तैयार की जाएंगी.
Jharkhand को एक युवा राज्य बताते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि सीमित समय में राज्य ने वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है. पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे मंच पर Jharkhand की संभावनाओं और प्राथमिकताओं को दुनिया के सामने रखा गया. भविष्य में भी राज्य इस वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखेगा.
राज्य में विकास के लिए Government की नीतियों और रोडमैप का जिक्र करते हुए Chief Minister ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि के आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा समावेशी विकास सुनिश्चित करना है, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. इसी सोच के अनुरूप विकास योजनाएं और नीतियां तैयार की जा रही हैं. उन्होंने Jharkhand की बौद्धिक क्षमता का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, राज्य ने देश को केवल खनिज संपदा ही नहीं दी, बल्कि बड़ी संख्या में वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी भी दिए हैं. दुनिया के विभिन्न हिस्सों में Jharkhand के लोग महत्वपूर्ण पदों पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं. अब इस बौद्धिक पूंजी को राज्य के विकास से जोड़ने का समय आ गया है.
खनिज संपदा पर चर्चा करते हुए Chief Minister ने यूरेनियम और माइका जैसे रणनीतिक महत्व के खनिजों का उल्लेख किया. उनका कहना था कि Jharkhand के पास यूरेनियम का इतना बड़ा भंडार है कि देश की दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा किया जा सकता है. इन संसाधनों के दोहन में आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, ताकि उनका अधिकतम और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित हो सके.
उन्होंने स्पष्ट किया कि Government केवल निवेश आकर्षित करने या एमओयू पर हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं रहना चाहती. प्राथमिकता ऐसी दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने की है, जिससे उद्योग और राज्य दोनों का सतत विकास हो. इसके लिए विश्वसनीय बिजली, मजबूत आधारभूत संरचना, बेहतर परिवहन व्यवस्था, कुशल मानव संसाधन और उद्योग-अनुकूल नीतिगत वातावरण तैयार किया जा रहा है. सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्र भविष्य की अर्थव्यवस्था को दिशा देंगे और Jharkhand इन बदलावों के अनुरूप खुद को तैयार कर रहा है.
Chief Minister ने कहा कि Jharkhand के 14 जिलों में बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियां संचालित होती हैं, लेकिन अब इनका संचालन वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा. ‘जल, जंगल और जमीन’ के संरक्षण के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग Government की प्राथमिकता है. इसी संतुलित दृष्टिकोण के साथ Jharkhand देश के औद्योगिक विकास की धुरी बना रहेगा. उद्घाटन सत्र में Jharkhand Government के मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह, संजय यादव और इरफान अंसारी के अलावा गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, केपीएमजी, ऑरेकल सहित विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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एसएनसी/डीकेपी
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