
रांची, 27 अप्रैल . Jharkhand हाई कोर्ट एक आपराधिक अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने धनबाद Police की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की. कोर्ट ने संज्ञेय अपराध की शिकायत के एक मामले में First Information Report दर्ज न किए जाने को गंभीर मानते हुए धनबाद के वरिष्ठ Police अधीक्षक को तलब कर लिया है.
न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की खंडपीठ ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी को Tuesday को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा है कि आखिर किन परिस्थितियों में पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई.
यह मामला रवि साव नामक एक आरोपी से जुड़ा है, जिसे पहले एक आपराधिक मामले में उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी थी. जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी के व्यवहार में कोई सुधार नहीं दिखा और पीड़िता ने पुनः अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए उसकी जमानत रद्द करने की गुहार लगाई.
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने जेल से बाहर आते ही social media के जरिए उसे डराने-धमकाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया. पीड़िता ने इस संबंध में साइबर Police स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें स्पष्ट रूप से धमकी देने और आईटी एक्ट के तहत आने वाले अपराधों का उल्लेख था.
अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत प्रथम दृष्टया एक गंभीर संज्ञेय अपराध को दर्शाती है. इसके बावजूद धनबाद Police ने इस पर First Information Report दर्ज नहीं की.
अदालत ने माना कि पीड़िता के साथ किया जा रहा यह व्यवहार आपराधिक श्रेणी में आता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडपीठ ने धनबाद एसएसपी को निर्देश दिया है कि वे Tuesday को सशरीर हाजिर होकर पूरे घटनाक्रम पर जवाब दें. मामले में अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा.
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एसएनसी/डीकेपी
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