
कोलकाता, 4 मई . पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान चर्चा में आया ‘झालमुरी’ 4 मई को नतीजों के दिन ट्रेंड कर रहा है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए के नेता ‘झालमुरी’ खाकर बंगाल में पार्टी की बढ़त की खुशियां मना रहे हैं.
Prime Minister मोदी के झाड़ग्राम में सड़क किनारे रुकने और झालमुरी का आनंद लेने की व्यापक रूप से साझा की गई तस्वीर के बाद, चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में झालमुरी अप्रत्याशित रूप से चर्चा का विषय बन गया. यह दृश्य तुरंत वायरल हो गया और इस पर Political प्रतिक्रियाएं आने लगीं, जिनमें Chief Minister ममता बनर्जी की आलोचना भी शामिल है.
बंगाली शब्द ‘झाल’ से व्युत्पन्न इस स्नैक के नाम का अर्थ मसालेदार या तीखा है, जो जल्द ही चुनाव प्रचार में एक प्रतीक बन गया. बाद में, एक चुनावी रैली के दौरान Prime Minister मोदी ने स्वयं इसमें Political रंग भरते हुए कहा, “मैंने झालमुरी खाई, लेकिन टीएमसी को असली झाल (मसाला) महसूस हुआ.”
मतगणना आगे बढ़ने के साथ, भाजपा ने अपनी मजबूत बढ़त बनाए रखी. भारतीय निर्वाचन आयोग के दोपहर 3:45 बजे के रुझानों के अनुसार, भाजपा 194 सीटों पर आगे थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस 89 सीटों पर आगे थी. भाजपा पहले ही तीन सीटें जीत चुकी थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस को केवल एक सीट मिली थी.
पार्टी की मजबूत बढ़त को देखते हुए, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘झाल’ के प्रतीक को अपनाया और देश के विभिन्न हिस्सों में इस स्नैक के साथ जश्न मनाया.
Union Minister जीतन राम मांझी ने झालमुरी खाते हुए अपनी तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जीत पर जलेबी काफी नहीं, सिर्फ झालमुरी ही काफी है. आज झालमुरी का दिन है, मैं इसे बड़े चाव से खा रहा हूं, इसलिए अगर किसी को इसमें तीखापन महसूस हो तो कृपया बुरा न मानें.
उन्होंने आगे कहा कि Prime Minister Narendra Modi को बंगाल की जीत पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. यह जीत आपके मार्गदर्शन और अमित शाह की बेमिसाल मेहनत का नतीजा है. बंगाल के हर एनडीए कार्यकर्ता को जीत की विशेष शुभकामनाएं.
Maharashtra के उपChief Minister और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा का ‘कमल’ खिल उठा है.
उन्होंने कहा कि देश के लोकप्रिय और प्रतिष्ठित Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा ने ममता दीदी को करारी हार का स्वाद चखाया है, विफलता की कड़वी ‘झालमुरी’. गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार से तंग आकर पश्चिम बंगाल की जनता ने सच्चे अर्थों में लोकतंत्र की स्थापना की है. उन्होंने विकास, प्रगति, स्थिरता और शांति के लिए अपना वोट डाला है.
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि में भाजपा की ‘जीत’ ऐतिहासिक थी.
शिंदे ने तृणमूल कांग्रेस के गढ़ को ‘नष्ट’ करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के दशकों के अथक प्रयासों की भी सराहना की और उन्हें भाजपा का ‘चाणक्य’ बताया.
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एमएस/
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