
टोक्यो, 13 अप्रैल . अमेरिका Monday से होर्मुज पर अपना पहरा लगाएगा. होर्मुज और न्यक्लियर संवर्धन को लेकर यूएस-ईरान की इस्लामाबाद में बात नहीं बन पाई, जिसके बाद ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के नाकेबंदी की बात कही. इस बीच समुद्र के नीचे बिछे बारूद को साफ कराने के लिए तत्पर दिख रही जापान Government ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं. जापान ने माइनस्वीपर भेजने का फैसला फिलहाल टाल दिया है.
चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी मिनोरू किहारा ने कहा कि जापान ने अभी तक होर्मुज स्ट्रेट में माइन-स्वीपिंग अभियान के लिए अपने समुद्री आत्मरक्षा बल (मेरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स, यानी जेएमएसडीएफ) को तैनात करने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है. हालात पर नजर बनाए हुए है और आगे का फैसला स्थिति के अनुसार लिया जाएगा.
किहारा ने मीडिया को बताया कि जापान दोनों पक्षों के बीच एक पूरी समझ की दिशा में आगे बढ़ने की अपील कर रहा है.
क्योडो न्यूज के मुताबिक, किहारा ने कहा, “इस वक्त सबसे आवश्यक बात यह है कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो और किसी भी तरह के तनाव को कम किया जाए.”
जापान ने होर्मुज स्ट्रेट में माइनस्वीपर भेजने के फैसले को फिलहाल टाल दिया है. Government ने कहा है कि सेल्फ-डिफेंस फोर्स की तैनाती पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है. जापान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने और व्यापक समझौते की दिशा में प्रगति पर भी जोर दिया है.
माइनस्वीपर ऐसे खास नौसैनिक जहाज हैं, जो समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटा आवाजाही सुगम बनाते हैं. ये जहाज तकनीक की मदद से पानी के अंदर छिपी माइंस का पता लगाते हैं और उन्हें निष्क्रिय कर देते हैं.
जापान टुडे के अनुसार, जापान के पास दुनिया की सबसे सक्षम माइनस्वीपिंग टीम है, जो मुख्य रूप से समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘अवाजी’ श्रेणी के आधुनिक एफआरपी जहाजों का उपयोग करती है. ये जहाज फाइबर-रिइन्फोर्स्ड प्लास्टिक (एफआरपी) से बने हैं, जो उन्हें रडार की रेंज से भी बचाते हैं. जेएमएसडीएफ की इस क्षमता को क्षेत्र में, विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर महत्वपूर्ण माना जाता है.
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केआर/
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