भाजपा के गढ़ बांकीपुर में पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगा जन सुराज: प्रशांत किशोर

Patna, 27 मई . जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और बिहार की राजनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण बयान दिए. उन्होंने कहा कि जन सुराज बांकीपुर सीट पर पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेगा और भारतीय जनता पार्टी को कड़ी चुनौती देगा.

प्रशांत किशोर ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “बांकीपुर पिछले करीब 40 वर्षों से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, और वर्तमान में यह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट भी है. जन सुराज ने तय किया है कि वह इस सीट पर पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में उतरेगा.”

उन्होंने कहा, “हम यह दिखाना चाहते हैं कि अगर बिहार में कोई भाजपा को हरा सकता है, तो वह जन सुराज है. पार्टी अगले महीने से जनसंपर्क अभियान को और तेज करेगी. कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संवाद करेंगे और भाजपा को हराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे.”

प्रशांत किशोर ने कहा कि इस चुनाव में उम्मीदवार कौन होगा, यह सबसे बड़ा मुद्दा नहीं है. उनके अनुसार, महत्वपूर्ण बात यह है कि जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों को समझा जाए और एक मजबूत Political विकल्प प्रस्तुत किया जाए.

वहीं, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर Supreme Court के फैसले को लेकर भी उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी. अभी तक पूरा फैसला नहीं देखा है, लेकिन समाज का एक बड़ा वर्ग इन फैसलों को पूरी तरह पारदर्शी नहीं मानता.

उन्होंने कहा, “इन मामलों में Supreme Court और चुनाव आयोग के फैसलों का पालन करना आवश्यक होता है, लेकिन लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि कुछ फैसले सत्ताधारी दल के पक्ष में दिखाई देते हैं.”

बिहार के पूर्व Chief Minister नीतीश कुमार को लेकर भी प्रशांत किशोर ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि Political जीवन में गलत लोगों के साथ जुड़ने का परिणाम हमेशा नुकसानदायक होता है. उनके अनुसार, जब नीतीश कुमार ने Political रूप से कमजोरी दिखाई, तब उनके करीबी लोगों ने भी उनका साथ छोड़ दिया.

उन्होंने दावा किया कि बिहार की राजनीति में अब बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है और जन सुराज उसी बदलाव का विकल्प बनकर उभरना चाहता है. उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नई सोच और नई कार्यशैली को स्थापित करना है.

डीकेपी