जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत इस क्षेत्र के विकास में परिवर्तनकारी दौर की शुरुआत : उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर, 30 अप्रैल . केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने Thursday को जम्मू से श्रीनगर के बीच सीधी 20-कोच वाली वंदे India Express Train सेवा को हरी झंडी दिखाई. यह ट्रेन सेवा आम जनता के लिए 2 मई से शुरू होगी. इस मौके पर जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला और Prime Minister कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे.

Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह नई सेवा इस क्षेत्र के विकास में एक परिवर्तनकारी दौर की शुरुआत है, क्योंकि यह जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच निर्बाध और हर मौसम में बनी रहने वाली कनेक्टिविटी को बेहतर बनाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है.

जितेंद्र सिंह ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “जम्मू रेलवे स्टेशन पर 20 कोच वाली नई वंदे India को हरी झंडी दिखाई. यह इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को एक बड़ी मजबूती देगा. इस मौके पर केंद्रीय रेल मंत्री, जम्मू-कश्मीर के Chief Minister और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे.”

उन्होंने आगे लिखा, “20 कोचों का जोड़ा जाना आधुनिक, हाई-स्पीड रेल यात्रा की बढ़ती मांग को दर्शाता है और जम्मू-कश्मीर में यात्रियों की क्षमता, आराम और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के प्रति Government की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है.”

जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “जम्मू और कश्मीर की जुड़वां राजधानियों को जोड़ने वाली सीधी ट्रेन की शुरुआत एक लंबे समय से प्रतीक्षित मील का पत्थर है. इससे कनेक्टिविटी में काफी सुधार होगा, जिससे घाटी और जम्मू के बीच यात्रा और भी ज्यादा सुविधाजनक और आरामदायक हो जाएगी.”

जम्मू से श्रीनगर के बीच शुरू हुई यह सीधी ट्रेन सेवा पर्यटन को बढ़ावा देगी, दोनों शहरों के बीच यात्रा समय कम करेगी, और खराब मौसम में अक्सर बंद रहने वाले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग का एक भरोसेमंद विकल्प भी बनेगी. इससे पहले 6 जून 2025 को Prime Minister Narendra Modi ने कटरा से श्रीनगर के बीच इस सेवा का उद्घाटन किया था, जिसे अब जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक बढ़ा दिया गया है.

करीब 70 वर्षों से कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से रेल नेटवर्क से जोड़ने का सपना अधूरा था. इसे पूरा करने के लिए 43,780 करोड़ रुपए की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत 1990 के दशक के अंत में हुई थी. कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इसे दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण रेलवे परियोजनाओं में गिना जाता है.

कश्मीर घाटी में पहली बार अक्टूबर 2008 में ट्रेन सेवा शुरू हुई थी, जबकि 2005 में ट्रेन उधमपुर तक पहुंची थी. पीर पंजाल पर्वतमाला के बीच रेल लाइन बिछाना भारतीय रेलवे के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती रही है.

Thursday को 20 कोच वाली आधुनिक वंदे India ट्रेन ने जम्मू तवी से अपनी पहली यात्रा शुरू की और कठिन पहाड़ी रास्तों को पार करते हुए श्रीनगर तक पहुंची. अधिकारियों के अनुसार, उसी समय श्रीनगर से जम्मू के लिए भी एक ट्रेन रवाना की गई.

इस सेवा की शुरुआत से पहले Tuesday को जम्मू से माता वैष्णो देवी कटरा के बीच ट्रायल रन भी किया गया था. यह ट्रेन 267 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और सप्ताह में छह दिन चलेगी. Tuesday को इस रूट पर कोई सेवा नहीं होगी.

इस परियोजना के तहत उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक का निर्माण किया गया है, जिसमें 36 सुरंगें (119 किमी) और 943 पुल शामिल हैं. जम्मू तवी, कटरा, उधमपुर और बडगाम स्टेशनों का अमृत India स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकास किया जा रहा है.

पीएम