जम्मू एनआईए कोर्ट ने पाकिस्तानी हैंडलर के खिलाफ जारी किया गैर जमानती वारंट

जम्मू, 18 अगस्त . जम्मू की एनआईए कोर्ट ने Pakistan में बैठे आतंकी हैंडलर मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा उर्फ सुमामा इलियास उर्फ वारिस अली के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया है. कोर्ट ने माना कि आरोपी फरार है और जांच एजेंसी उसे सामान्य तरीके से पेश करने में असमर्थ रही है.

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, आरोपी को गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) की धारा 35 के तहत नामित आतंकवादी घोषित किया गया है .

एनआईए के सीआईओ डिप्टी एसपी अमित शर्मा द्वारा दी गई अर्जी में बताया गया कि यह केस जम्मू-कश्मीर Police द्वारा गुज्जर टेंट पांडाच में नाका चेकिंग के दौरान शुरू हुआ था. जांच के दौरान जाकुरा, श्रीनगर की तरफ आ रही मोटरसाइकिल नंबर जेके01एएच/8264 को रोका गया. तलाशी में सवार व्यक्ति के पास से एक चीनी ग्रेनेड और 15 कारतूस बरामद हुए. पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद नकीब भट्ट बताया, जो श्रीनगर के फजल हक कॉलोनी, बटपोरा का रहने वाला है. वह हथियार और गोला-बारूद रखने का कोई वैध कारण नहीं बता सका.

इसके बाद Police थाना जाकोड़ा में First Information Report दर्ज की गई. इसमें यूएपीए की धारा 23, आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 7/25 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज हुआ.

जांच के दौरान सामने आया कि इस साजिश के पीछे Pakistan में बैठा हैंडलर मोहम्मद याकूब उर्फ अबू सुमामा उर्फ सुमामा इलियास उर्फ वारिस अली का हाथ है. एनआईए के अनुसार, गिरफ्तार किए गए Pakistanी आतंकियों अब्दुल्ला राजपूत उर्फ कामरान अहमद और खुबैब उर्फ उस्मान जट्ट ने पूछताछ में इसका नाम बताया.

एनआईए ने कहा कि अबू सुमामा ने इन दोनों आतंकियों को कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को निशाना बनाकर आतंकी हमले करने के निर्देश दिए थे. अबू हुरैरा उर्फ अब्दुल्ला राजपूत और खुबैब उर्फ उस्मान जट्ट को उसी के आदेश पर घाटी में हमलों के लिए भेजा गया था.

अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि जांच में आरोपी की संलिप्तता सामने आई है और वह आतंकवाद में शामिल है. आरोपी फरार है और जांच एजेंसी उसे हाजिर नहीं कर पाई है, इसलिए उसके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 75 के तहत गैर-जमानती वारंट जारी किया जाता है.

कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी कर उसे कानून के अनुसार कार्रवाई के लिए डीआईजी, एनआईए जम्मू को भेज दिया. अर्जी का निपटारा करते हुए इसे रिकॉर्ड में रख दिया गया है. एनआईए का कहना है कि वारंट जारी होने के बाद अब आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पीएम