
जम्मू, 24 जुलाई . जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खात्मे और हाल ही में एक हेड कॉन्स्टेबल की हत्या को लेकर आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर धीरे-धीरे आतंक से मुक्त हो रहा है. इसके लिए मैं Government, सेना और समाज को बधाई देता हूं, लेकिन कुछ छोटी-मोटी हिंसक घटनाएं हो रही हैं. ये दुखद है. इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है. इस तरह की हिंसा कायरता और शैतानियत के लक्षण हैं.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इन घटनाओं को अंजाम दिया है, उनकी ये हरकत कायरता है. इसे रोकने की चुनौती सुरक्षा तंत्र और समाज के सामने है. कश्मीर घाटी को इस तरह की घटनाओं से मुक्त करने की चुनौती पूरे कश्मीर के सामने है.
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि इतने बड़े परिवर्तन के बाद आतंकी घटनाओं में गिरावट आई है. वह दिन भी आएगा, जब जम्मू-कश्मीर आतंक मुक्त होगा. देश हिंसा से नहीं चलता है. शांति और विकास हिंसा से नहीं मिल सकते. ‘सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा’ गुनगुनाना चाहिए और इसके लिए जीना चाहिए. अगर नेशन फर्स्ट और नेशन ऑलवेज होगा, तो हम हिंसा मुक्त जम्मू-कश्मीर और लद्दाख बना सकेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि आतंकियों ने देश मेंभय पैदा करने की कोशिश की, लेकिन देश की जनता ने बता दिया कि वे भय से न डरे हैं और न डरेंगे.
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने पीओके को लेकर कहा कि Pakistan दिन-प्रतिदिन टूटते हुए Pakistan की तरफ बढ़ रहा है. Pakistan में Pakistanियों पर ही भयानक जुल्म हो रहा है, इसलिए Pakistan अपनी हरकतों की वजह से टूटने की तरफ बढ़ रहा है. 1971 में वह टूट चुका है. अब उसके और भी हिस्से टूटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इतिहास यही लिख रहा है और आने वाले कुछ वर्षों के बाद Pakistan नहीं रहेगा.
सोनम वांगचुक के अनशन पर उन्होंने कहा कि लद्दाख को एक विकसित और शिक्षित क्षेत्र बनाने के लिए India Government लगी हुई है. उसमें सहयोग करना चाहिए. विदेशी ताकतों के इशारे पर नहीं खेलना चाहिए.
सीजेपी द्वारा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि प्रतिदिन मीडिया बार-बार सीजेपी के बारे में लिख रहा है. उसमें सामने आ रहा है कि किस तरह विदेशी ताकतें उन्हें फंडिंग कर रही हैं. ये India की एकता और अखंडता के लिए खतरा है. अखबारों को इस जनजागरण को और तेजी से बढ़ाना चाहिए.
संसद में विपक्ष के रवैये पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि इस तरह की बहस कहां तक जाएगी, इसकी प्रतीक्षा करनी चाहिए. Political माहौल में निकम्मापन नहीं आने देना चाहिए. सकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहिए. सकारात्मकता ही देश के कल्याण का मार्ग होती है. नकारात्मकता से देश और पार्टियों का भी नुकसान होता है. विपक्ष को भी सकारात्मक होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम बोलने में किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए और इस पर बहस भी नहीं करनी चाहिए.
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एएमटी/
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