जम्मू-कश्मीर: पीएम किसान सम्मान निधि योजना से कठुआ में खेती को बढ़ावा, किसान बोले- हो रहा मुनाफा

कठुआ, 10 अगस्त . जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले की सरथल घाटी में Prime Minister किसान सम्मान निधि योजना ने छोटे किसानों की तकदीर बदल दी है. पीएम किसान निधि से सीधे खाते में आने वाली मदद से घाटी के किसान अब आलू और सब्जियां उगाकर न सिर्फ स्थानीय मंडियों, बल्कि पंजाब और Himachal Pradesh की मंडियों तक आपूर्ति कर रहे हैं.

सरथल घाटी के किसान बताते हैं कि पहले बीज, खाद और सिंचाई के लिए पैसा जुटाना सबसे बड़ी समस्या थी. पीएम-किसान की किश्तें समय पर मिलने से अब वे बिना कर्ज लिए खेती में निवेश कर पा रहे हैं. इससे उत्पादन बढ़ा है और आमदनी में भी इजाफा हुआ है.

तहसील बानी के किसान प्रीतम सिंह ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा, “सबसे पहले मैं Prime Minister का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने हमारे खातों में पीएम किसान का पैसा भेजा है. हम जैसे छोटे किसानों के लिए यह बहुत फायदेमंद है. सरथल में हमने आलू की खेती की है, और हम इसे पूरे जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पंजाब में भी सप्लाई कर रहे हैं.”

प्रीतम सिंह ने बताया कि योजना की रकम से उन्होंने उन्नत बीज और खाद खरीदे. कृषि विभाग से तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला, जिससे पैदावार पहले के मुकाबले काफी बेहतर हुई. अब उनकी फसल स्थानीय बाजारों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों तक जा रही है.

सरथल घाटी पहाड़ी इलाका है. यहां पहले ज्यादातर किसान सिर्फ अपने परिवार के लिए फसल उगाते थे, लेकिन पीएम-किसान की मदद से अब कई किसान व्यावसायिक स्तर पर सब्जी उत्पादन से जुड़ गए हैं. आलू, मटर, गोभी और अन्य मौसमी सब्जियां यहां की पहचान बन गई हैं.

किसानों का कहना है कि हर चार महीने में 2000 रुपए की किश्त खाते में आना उनके लिए बड़ी राहत है. इस पैसे से वे ट्रैक्टर का किराया, मजदूरी और परिवहन का खर्च निकाल लेते हैं. इससे फसल मंडी तक सही समय पर पहुंच पाती है और नुकसान कम होता है.

प्रीतम सिंह ने दूसरे छोटे किसानों से भी अपील की है कि वे खेती को गंभीरता से लें. उन्होंने कहा, “मैं दूसरे छोटे किसानों से भी खेती पर ध्यान देने की अपील करता हूं, क्योंकि इससे अच्छी आमदनी होती है. हम कृषि विभाग से मिले अच्छे बीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं और हमें बेहतर पैदावार मिल रही है. इस मदद के लिए मैं एक बार फिर Prime Minister का आभार व्यक्त करता हूं.”

कृषि विभाग के अधिकारी भी सरथल घाटी में बदलाव देखकर खुश हैं. उनका कहना है कि पीएम-किसान के साथ-साथ Government बीज और प्रशिक्षण की सुविधा भी दे रही है. इससे किसानों को नई तकनीक अपनाने में मदद मिल रही है.

एससीएच/डीकेपी