मनीला में कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद से मिले जयशंकर, कहा- ‘दोनों देशों के संबंध हो रहे मजबूत’

मनीला, 22 जुलाई . विदेश मंत्री (ईएएम) एस. जयशंकर ने Wednesday को मनीला में अपनी कनाडाई समकक्ष अनीता आनंद से मुलाकात की. इस दौरान दोनों ने भारत-कनाडा संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ ही Prime Minister Narendra Modi और कनाडाई Prime Minister मार्क कार्नी द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने पर चर्चा की.

बैठक के बाद जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ हुई बातचीत बहुत अच्छी रही. भारत-कनाडा के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. हमारी चर्चा Prime Minister मोदी और पीएम कार्नी द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को हासिल करने पर केंद्रित रही.”

इससे पहले जयशंकर ने सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से भी मुलाकात की और क्षेत्रीय एवं वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों और आकलन की सराहना की.

जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “आज दोपहर मनीला में सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन के साथ अच्छी बातचीत हुई. क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके विचारों और आकलन को हमेशा महत्व देता हूं.”

India के विदेश मंत्री आसियान ढांचे के तहत होने वाली बैठकों में भाग लेने के लिए दो दिवसीय फिलीपींस दौरे पर हैं.

बैठक से इतर जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की और क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर India की गंभीर चिंता दोहराई. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं, यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की.

मुलाकात के बाद जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की. क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता दोहराई. व्यापार एवं निवेश, ऊर्जा एवं कनेक्टिविटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आवागमन सहित साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया.”

विदेश मंत्री ने मनीला में अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो से भी मुलाकात की. दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की समीक्षा की और क्षेत्रीय, वैश्विक तथा बहुपक्षीय मुद्दों पर विचार साझा किए.

जयशंकर ने बताया कि बातचीत में व्यापार एवं शुल्क (टैरिफ), ऊर्जा, रक्षा एवं सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे मुद्दे प्रमुख रहे.

केआर/