
मनीला, 23 जुलाई . विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने Thursday को मनीला में ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से मुलाकात की. दोनों की बतौर विदेश मंत्री ये पहली मुलाकात थी. दोनों ने हाल ही में लागू हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए/सीईटीए) के बाद द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की.
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने India और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई.
बैठक के बाद जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मनीला में ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से पहली मुलाकात हुई. उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी. भारत-यूके एफटीए के लागू होने से बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी.”
इससे पहले Tuesday को जयशंकर ने एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री नियुक्त किए जाने पर बधाई दी थी. उन्होंने कहा था कि भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय गति पकड़ी है और वह दोनों देशों के सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम करने के इच्छुक हैं.
एड मिलिबैंड मई 2005 से डोनकास्टर नॉर्थ से सांसद हैं. उन्हें Monday को ब्रिटेन का विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों का सचिव नियुक्त किया गया. इससे पहले वह जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं.
इसी दिन एंडी बर्नहैम ने कीर स्टार्मर के पद छोड़ने के बाद ब्रिटेन के Prime Minister का पद संभाला. Prime Minister Narendra Modi ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि India और ब्रिटेन व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मजबूत करेंगे.
Prime Minister मोदी ने कहा कि इस महीने भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) लागू होने के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी तथा विजन 2035 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में नई गति मिलेगी.
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में घोषणा की थी कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई से लागू हो गए हैं.
Government के अनुसार, इस समझौते के तहत India के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा, जिससे लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर किया जाएगा.
Prime Minister मोदी ने इस समझौते को भारत-ब्रिटेन संबंधों में “एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर” बताते हुए कहा था कि इससे दोनों देशों के व्यवसायों, निवेशकों और कामगारों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे.
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