
Mumbai , 9 जुलाई . Maharashtra में डांस बारों के संचालन, Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के कामकाज और शरद पवार-एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस के Maharashtra विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने राज्य Government पर कानून-व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाए. वहीं, Maharashtra के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए Government के कामकाज को शानदार बताया.
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने राज्य में डांस बारों के कथित रूप से खुलेआम संचालित होने को लेकर Government पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि डांस बार बिना किसी डर के चल रहे हैं. उन्हें Police और Government का संरक्षण प्राप्त है. जब आरआर पाटिल प्रदेश के गृह मंत्री थे, तब हमारी Government ने डांस बारों के खिलाफ सख्त कानून बनाया था और उसके प्रभाव से ऐसे प्रतिष्ठान बंद हो गए थे. लेकिन, आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. Mumbai और नवी Mumbai सहित कई स्थानों पर डांस बार खुलेआम संचालित हो रहे हैं. Government का दायित्व गलत गतिविधियों पर अंकुश लगाना और कानून का भय बनाए रखना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा दिखाई नहीं देता.
वहीं, शिवसेना नेता एवं Maharashtra के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के Chief Minister पर दिए गए बयान पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि संजय राउत बार-बार अपने बयान बदलते रहते हैं और यह उनकी आदत बन चुकी है. कुछ दिन पहले तक संजय राउत स्वयं देवेंद्र फडणवीस की तारीफ कर रहे थे, लेकिन अब उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं. पूरे Maharashtra को पता है कि Chief Minister फडणवीस अच्छा काम कर रहे हैं और जिस गति से Government काम कर रही है, उसकी आम जनता भी सराहना कर रही है. ऐसे में संजय राउत की बयानबाजी को Government गंभीरता से नहीं लेती.
शरद पवार और उपChief Minister एकनाथ शिंदे की हालिया मुलाकात को लेकर उठ रही Political अटकलों पर भी शिरसाट ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि शरद पवार देश के वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में से एक हैं. Political मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से होने वाली ऐसी मुलाकातें Maharashtra की लोकतांत्रिक और Political संस्कृति को दर्शाती हैं. यह मुलाकात किसी गोपनीय स्थान पर नहीं, बल्कि खुले तौर पर हुई है. इसलिए इससे किसी नए Political समीकरण या गठबंधन के संकेत निकालना उचित नहीं होगा. Maharashtra के हित से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न दलों के नेताओं का संवाद लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है और इसे उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए.
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/एबीएम
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